आरटीओ के सामने दुकानों पर पुलिस-प्रशासन ने की छापामार कार्रवाई
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संभागीय परिवहन कार्यालय के सामने चलाए जा रहे 100 से अधिक साइबर कैफे व जन सुविधा केंद्रों पर मंगलवार को एसडीएम सदर व एएसपी के साथ आई टीम ने सर्वे की कार्रवाई की। टीम के पहुंचने पर आधे से ज्यादा दुकानदार दुकानें बंद करके भाग निकले।
दुकानों पर मंडराने वाले दलाल भी भाग गए। टीम ने दुकानों पर जीएसटी, संपत्ति कर, एनआईसी में पंजीकरण को लेकर दुकानों पर सर्वे किया। सर्वे की रिपोर्ट के बाद दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ के सामने बनी मार्केट में 172 से अधिक दुकानों में फोटोस्टेट, साइबर कैफे, जन सुविधा केंद्र, प्रदूषण जांच केंद्र स्थित हैं। एनआईसी में पंजीकृत जन सुविधा केंद्रों की संख्या केवल छह है। बाकी जन सुविधा केंद्र बगैर पंजीकरण के संचालित हैं।
इसी तरह अन्य दुकानों का भी जीएसटी व नगर निगम में पंजीकरण नहीं है। इन दुकानों में दलालों के अड्डे हैं। यहीं से आरटीओ में लाइसेंस, परमिट जैसे कार्यों के लिए दलाल अपने ग्राहकों को फंसाते हैं।
अमर उजाला ने पिछले दिनों आरटीओ के सामने समानांतर आरटीओ संचालित होने की खबर प्रकाशित की थी। इस पर आरटीओ (प्रशासन) अशोक कुमार सिंह ने आरटीओ के सामने संचालित दुकानों का सर्वे कराने और यहां दलालों पर अंकुश लगाने को जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। इसी पर मंगलवार को एसडीएम सदर गरिमा सिंह, एससीएम प्रथम वीके गुप्ता, एएसपी हरीपर्वत सौरभ दीक्षित के साथ जीएसटी, नगर निगम की कर विभाग की टीमों ने दुकानों का सर्वे किया।
किस दुकान का पंजीकरण है, जीएसटी में रजिस्ट्रेशन है या नहीं, कितनी दुकानों पर एनआईसी का पंजीकरण है, इन सभी का सर्वे किया गया। इनमें से ज्यादातर दुकानदार भाग निकले।