एसएन मेडिकल कॉलेज का कोविड वार्ड
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आगरा एसएन अस्पताल में अब तक ब्लैक फंगस के 81 मरीज भर्ती हो चुके हैं, इनमें 15 से 30 साल के नवयुवक भी हैं। इनकी संख्या 17 है। वहीं ब्लैक फंगस का सबसे छोटा मरीज महज सात दिन का शिशु है। ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक 81 मरीज एसएन में भर्ती हुए, इसमें 15 से 30 साल के 17 मरीज रहे।
सबसे कम उम्र का मरीज सात दिन का शिशु रहा। 14 मरीज अन्य अस्पताल चले गए। पांच की मौत हो गई और आठ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है। रविवार को ब्लैक फंगस के चार और मरीज ठीक हो गए हैं। इनको वार्ड से डिस्चार्ज कर दिया है। अब तक वार्ड से 17 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। ठीक होने के बाद मुकेश कुमार, इरफान, सुधीर कुमार, कुलदीप सिंह ने डॉक्टरों का आभार जताया।
निजी अस्पताल में बिगड़ा ऑपरेशन, एसएन में निकाला जबड़ा
एसएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के 57 साल के कर्मचारी का दिल्ली के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में इलाज चल रहा था। ऑपरेशन गलत होने पर फंगस जबड़े तक पहुंच गया था। वहां से एसएन में भर्ती हुए और ऑपरेशन कर जबड़ा और नाक की हड्डी निकाल दी है। आईसीयू में भर्ती किया गया है। दिल्ली में इनका 29 लाख रुपये खर्च हो गए थे। राया के 65 साल के मरीज का भी आधा जबड़ा निकालना पड़ा है। फंगस से जबड़े तक गलाव पड़ गया था।
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