एक बार फिर वीक एंड पर वीआईपी विजिट ने ताजमहल और आगरा किला पर हजारों सैलानियों को पूरे दिन भूख-प्यास से तड़पा दिया। दीदार-ए-ताज के लिए शनिवार को पर्यटकों को छह घंटे इंतजार करना पड़ा। बांग्लादेशी राष्ट्रपति के ताज दौरे के चलते सुबह 10 से शाम 3.45 बजे तक पर्यटकों का प्रवेश बंद रहा।
दिल्ली-एनसीआर सहित देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को ताज में लंबी कतारों और धक्कामुक्की, मारपीट के बाद शाम को प्रवेश मिल पाया, जबकि हजारों की तादात में पर्यटक लंबी कतार देखकर ताज घूमे बिना ही लौट गए।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद को पूर्वाह्न 11 बजे आगरा आना था, लेकिन कोहरे के कारण विमान एक बजे आगरा खेरिया एयरपोर्ट पर उतरा। शेड्यूल में भ्रमण के बाद अमर विलास होटल में लंच था, लेकिन एयरपोर्ट से वह सीधे लंच के लिए चले गए। 2.45 बजे परिवार के साथ ताज देखने पहुंचे।
इस दौरान जो पर्यटक सुबह 10 बजे के बाद ताजमहल पहुंचे, उन्हे टिकट नहीं मिल पाया। करीब 55 मिनट ताज में बिताने के बाद पौने चार बजे राष्ट्रपति रवाना हो गए। ताज के तीनों गेटों पर पर्यटक 6 घंटे तक इंतजार में खड़े रहे।
बच्चों के साथ आए पर्यटक ज्यादा मुश्किल में रहे। कोई थक कर बैठ गया तो कोई लौट गया। चार बजे के बाद गेट खुले तब तक भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि धक्का मुक्की होने लगी। पश्चिमी गेट पर खान-ए-आलम तक घूमी पर्यटकों की कतार नीम तिराहे तक पहुंच गई। टिकट विंडो पर सैकड़ों पर्यटकों की जेब कट गईं।
...काश भारत-बांग्लादेश एक देश होते
भाई, भतीजे समेत 6 लोगों के साथ ताज देखने आए बांग्लादेशी राष्ट्रपति अब्दुल हमीद ने गाइड वरुण रावत और शमशुद्दीन से ताज से जुड़ी कई जानकारियां लीं। यमुना किनारे से काले ताज के बारे में भी पूछा। गाइड ने मुगलिया दौर के हिंदुस्तान के बारे में कहा कि बांग्लादेश और भारत एक ही देश होते तो कैसा होता। इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि काश ऐसा होता। किले में जहांगीरी महल, दीवान ए खास, दीवान ए आम आदि देखा। अंग्रेज अफसर काल्विन की कब्र देख बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने इसकी जानकारी ली। शाम को वह फतेहपुर सीकरी नहीं जा सके। अमर विलास होटल में राष्ट्रपति रुके। सुबह एयर इंडिया के विशेष विमान से वह दिल्ली रवाना होंगे।