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लॉकर के नोट फिर तिजोरी में, बैंकों में नगदी संकट

Tue, 23 May 2017 07:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया - फोटो : SBI
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नोटबंदी के बाद बैंकों में फिर से नगदी संकट गहरा गया है। रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए नई करेंसी की सप्लाई कम कर दी तो इधर किसानों ने फसल के बाद मिली नगदी बैंक की जगह अपने पास रखना ज्यादा मुनासिब समझा। नोटबंदी में लॉकर से निकली रकम फिर से लॉकर में ही नए नोटों की शक्ल में जमा होने लगी है। 
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ग्राहक भविष्य की जरूरत के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा नगदी निकालने में लगे हैं। इससे बैंक और एटीएम नगदी संकट से जूझ रहे हैं। एटीएम शोकेस बन गए हैं।। पेट्रोल पंप और अन्य कारोबार से आने वाले कैश से ही ज्यादातर बैंकों में लेन-देन चल रहा है। रिजर्व बैंक से भी नगदी कम आ रही है। फरवरी और मार्च में हालात सुधरे थे, लेकिन अप्रैल के तीसरे सप्ताह से नगदी संकट और बढ़ गया।

बता दें कि आगरा जिले में 486 बैंक शाखाएं हैं, जिनसे करीब 150 करोड़ का लेन-देन हर दिन होता है। 
675 बैंक एटीएम हैं। इनमें से 50 फीसदी एटीएम ही चल रहे हैं। करीब 170 एटीएम तो नगदी की कमी से बंद हैं। इससे 22 लाख खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
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आगरा के लीड बैंक मैनेजर पंकज सक्सेना के अनुसार नोटबंदी में जनधन समेत अन्य खातों में जिन्होंने रकम जमा कराई थी, वह निकासी शुरू हो गई। नगदी जमा भी कम हो रही है। डिजिटल बैंकिंग को बढ़वा देने के लिए भी करेंसी की सप्लाई कम रही है।
 
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ट्रांजेक्शन चार्ज के डर से ज्यादा निकासी

2000 Note
एक अप्रैल से भारी भरकम ट्रांजेक्शन चार्ज लागू होने के बाद बैंकों में निकासी भी बढ़ गई। पहले एटीएम से कई बार में कैश निकालने वाले अब एक बार में ही बैंक शाखा जाकर महीने की जरूरत से ज्यादा नगदी निकाल कर रख रहे हैं। 

नोटबंदी के फैसले के बाद लोग बैंकों की लंबी कतार और अपनी ही रकम निकालने में दिक्कतें अनुभव कर नगदी जमा करने में जुटे हैं। नवंबर के बाद से ही एटीएम में नगदी की किल्लत है। अब रेंसम वायरस के डर से एटीएम की बंदी के कारण लोग नगदी रखने और नगद लेन-देन को ही सुरक्षित मान रहे हैं।

नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने दो हजार रुपये का नोट भी जारी किया लेकिन जारी होने के छह महीने के अंदर ही यह चलन से गायब होने लगा है। बाजार में इसके खुल्ले कराने में दिक्कतें थी तो काला धन रखने वालों के लिए यह नोट ज्यादा अच्छा साबित हुआ। करीब 45 फीसदी नोट बाजार से गायब हैं। रिजर्व बैंक के पास लगातार ऐसी रिपोर्ट पहुंच रही हैं। इसीलिए दो हजार का नोट बंद करने की चर्चाएं बार-बार बाजार में घूम रही हैं।
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