मैनपुरी। दीवानी स्थित सुलह एवं समझौता केंद्र में सुनवाई के बाद दंपती में समझौता हो गया और साथ रहने के लिए राजी हो गए। इसके बाद उनको समझौते की शर्त का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया गया।
थाना किशनी के एक गांव की युवती की शादी जिला इटावा के थाना भरेह के एक गांव निवासी युवक से वर्ष 2020 में हुई थी। शादी के दो साल उसने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी होने के बाद उसका ससुराल में उत्पीड़न किया जाने लगा। दहेज के लिए भी ससुराल के लोग परेशान करने लगे। वर्ष 2024 में ससुराल वालों ने उसको घर से निकाल दिया। उसने थाना किशनी में रिपोर्ट दर्ज करा दी। अपर सिविल जज प्रीती गिरि ने युवक को जमानत तो दे दी, लेकिन उनके मामले को समझौता के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र में भेज दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कमल सिंह अपर जिला जज ने मीडिएटर संजय चौहान को दंपती में समझौता कराने के लिए नामित किया। पांच बार की काउंसिलिंग के बाद दंपती के बीच समझौता हो गया। संवाद
एक साल बाद साथ रहने के लिए राजी हुए दंपती
करहल। एक साल से अलग रह रहे दंपती का रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में समझौता हो गया। इसके बाद वह एक साथ रहने के लिए राजी हो गए। थाना बरनाहल क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती की शादी फिरोजाबाद के युवक के साथ तीन साल पहले हुई थी। विवाद के बाद एक साल पहले युवती मायके आ गई। उसने थाना बरनाहल में शिकायत की। थाना बरनाहल से प्रार्थनापत्र को परिवार परामर्श केंद्र करहल भेज दिया गया। 3 सितंबर को पहली बार सुनवाई सुनवाई हुई थी। इसके बाद रविवार को आमने सामने बैठे दंपती में समझौता हो गया। वह एक साथ रहने को राजी हो गए। समझौता होेने पर काउंसलर नितिन चतुर्वेदी और अमृता चौहान ने किरन और प्रीती चौहान की मौजूदगी में उनको केंद्र से विदा किया।