गांव पंचगाई खेड़ा निवासी चंद्रवीर की बिल्डिंग मटेरियल की दुकान है। बेटी इंटरमीडिएट की छात्रा थी। बेटा लवकुश गुरुग्राम, हरियाणा की एक कंपनी में है। मंगलवार शाम सात बजे किशोरी घर से सामान लेने जाने की कहकर निकली थी। इसके बाद वापस नहीं आई। पिता ने थाना एकता क्षेत्र पहुंचकर बेटी के लापता होने की जानकारी दी।
पुलिस ने अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर ली। रात एक बजे किशोरी घर वापस आ गई। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की दोस्ती गांव के ही दूसरी जाति के युवक से थी। बेटी को समझाने का प्रयास किया। मगर मानने को तैयार नहीं हुई। इस पर दो दिन से घर में झगड़ा चल रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर पत्नी रजनी बाजार चली गईं। बेटा गुरुग्राम चला गया था।
शाम तकरीबन 4:30 बजे बेटी बेड पर आराम कर रही थी। तभी उसने हमला बोल दिया। पहले बांके को उल्टा कर सिर पर प्रहार किया। बेटी के सिर से खून निकलने लगा। तड़पने लगी तो गला दबाकर हत्या कर दी।
नहीं था कोई पछतावा
बेटी की हत्या का पिता को कोई पछतावा नहीं रहा। उसका कहना था कि बेटी की वजह से बदनामी हो गई थी। गांव में लोग तरह-तरह की बात कर रहे थे। इससे वो परेशान था। बेटी ने दोस्ती के चक्कर में घर की इज्जत का ध्यान नहीं दिया। वो बहुत गुस्से में था, उसे जो समझ आया कर दिया। जेल चला जाए तो भी अफसोस नहीं है।
मां को लोगों ने संभाला
जानकारी पर पुलिस घर पहुंच गई। पुलिस को शव बेड पर पड़ा मिला। आरोपी की पत्नी भी आ चुकी थी। वह फूट-फूटकर रोए जा रही थी। एक तरफ बेटी छिन गई, दूसरी तरफ पति भी जेल जाएगा। मां को किसी तरह लोगों ने संभाला। पुलिस ने घटनास्थल से बांका भी बरामद कर लिया। उसे कब्जे में लिया गया है।
बेटी के प्रेम संबंध से नाराज होकर पिता ने हत्या की है। थाने आकर खुद जानकारी दी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी