किशनी। सहकारी संघ किशनी पर दो दिन में 800 बोरी डीएपी खाद भेजे जाने के बाद भी क्षेत्र के किसान खाद पाने के लिए परेशान हो रहे हैं। सहकारी संघ की पॉश मशाीन में खाद का स्टॉक दर्ज नहीं होने के कारण खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। किसान पूरे दिन सहकारी संघ पर जमे रहते हैं, लेकिन उनको खाद नहीं मिल पा रही है। किेसानों का आरोप है कि कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के किसानों को खाद लेने के लिए भुगतना पड़ रहा है।
धान की फसल काटने के बाद से ही किसानों को डीएपी की जरूरत होती है। अधिकांश किसान धान की कटाई के तुरंत बाद गेहूं की बुवाई शुरू कर देते हैं। आलू की पैदावार करने वाले किसानों को भी डीएपी खाद की जरूरत होती है। किसान डीएपी खाद के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन उनको खाद नहीं मिल पा रही है। बाजार में खाद की जमकर कालाबाजारी हो रही है। किसानों को मजबूरी में बाजार में दुकानदारों से तय कीमत से कहीं ज्यादा कीमत पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है।
दो दिन पहले जिले में डीएपी खाद बड़ी मात्रा में सरकार द्वारा भेजी गई। अधिकारियों ने किशनी सहकारी संघ पर दो दिन में 800 बोरी खाद भेजी। लेकिन अधिकारियों ने पॉश मशीन में खाद का स्टॉक ही नहीं डाला है। इससे किसानों को सहकारी संघ पर खाद उपलब्ध होने के बाद भी खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। सहकारी संघ के सचिव राजवीर सिंह यादव का कहना है कि जब तक मशीन में स्टॉक नहीं डाला जाएगा, तब तक खाद का वितरण नहीं हो सकेगा। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में किसान सहकारी संघ पर पहुंचे, लेकिन खाद का वितरण नहीं हो सका। भारतीय किसान यूनियन किसान के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने जल्द ही पॉश मशीन में स्टॉक भेजने की मांग की है।