पानीगांव खादर स्थित खेत पर आत्मदाह का प्रयास करने के दौरान किसान जुगलकिशोर।
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वृंदावन(मथुरा)। किसान जुगल किशोर निषाद का कहना है कि पानीगांव क्षेत्र खादर में उसके पिता के नाम सन 1967 में चीरधारी पट्टा किया गया। राजस्व विभाग व तत्कालीन प्रधान ने उसके पिता को पट्टा का कब्जा भी दिलाया। 1978 में पिता मदनी की मृत्यु हो जाने पर वह अपने बच्चों को लेकर खेत पर ही झोंपड़ी बनाकर सब्जी व खेती कर रहा है। जमीन अपने नाम कराने के लिए उसने 2005 में न्यायालय की शरण ली। 2007 में न्यायालय ने जुगलकिशोर के पक्ष में जमीन का फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद 2009 से 2018 तक मांट तहसील में दाखिल खारिज कराने का प्रयास किया लेकिन राजस्व विभाग ने दाखिल खारिज नहीं किया।
जुगल ने बताया कि तीन दिन पहले एसडीएम व एआरओ मांट राजीव उपाध्याय उसके के खेत पर पहुंचे। जब उसने एसडीएम को जमीन के दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने कागजों को फेंक दिया और किसान व उसके बच्चों को गालियां दी। किसान ने कहा कि मेरे पास राजस्व विभाग के अधिकारियों को देने के लिए पैसे नहीं है। ई रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा हूं।
मुख्यमंत्री पोर्टल और डीएम से की शिकायत
किसान के मुताबिक वह 3 अक्तूबर से अब तक मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार और मंडलायुक्त व डीएम से भी शिकायत कर चुके हैं। रविवार को भी वह एसएसपी से बात करने के बाद तीन घंटे तक कोतवाली के बाहर प्रभारी का इंतजार करता रहा। तहरीर भी दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। करीब डेढ़ महीने बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
इसलिए आत्मदाह की कोशिश की।
दंबगों ने फसल नष्ट की
किसान जुगलकिशोर निषाद ने डीएम से की शिकायती पत्र में कहा कि दबंग उसके खेत पर कब्जा करने के लिए निर्माण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने खेत में हो रही फसल, बैंगन, मूली, घीया, सरसों, बाकला की फसल नष्ट कर दी। दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
वर्जन
किया है अवैध कब्जा
पानीगांव के एक किसान को खेत पर कब्जा दिलाया है। जुगल किशोर निषाद के पास जमीन संबंधी कोई कागज नहीं है। उसका नाम रिकार्ड में नहीं है। जुगलकिशोर ने अवैध कब्जा कर रखा था। -राजीव कुमार उपाध्याय, एसडीएम।