ताजमहल के प्रवेश टिकट में की गई बढ़ोतरी पर शनिवार दोपहर अफगानिस्तान के छह पर्यटकों ने हंगामा कर दिया। दल 40 रुपये वाला भारतीय टिकट लेकर शनिवार दोपहर एक बजे ताज पूर्वी गेट पहुंचा था। लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला।
जांचकर्ता 530 रुपये का टिकट खरीदने पर जोर दे रहा था। पर्यटकों को बताया गया कि एडीए सार्क और बिम्सटेक देशों के सैलानियों को विदेशी मानते हुए 500 रुपये ही वसूलता है। ऐसे में उन्हें 530 रुपये का टिकट खरीदना पड़ेगा। इस पर अफगानी पर्यटक भड़क गए। सीआईएसएफ ने रोका तो उन्होंने टिकट फाड़कर विरोध जताया और ताज देखे बिना लौट गए।
अफगानी पर्यटक एम. अयूब का कहना था कि भारत सरकार ने सार्क देशों के पर्यटकों को यह छूट दी है तो राज्य सरकार को भी यह मानना होगा। ताजमहल भारत में है तो भारत सरकार के नियम कानून क्यों नहीं पालन किए जा रहे। वह दूतावास में शिकायत दर्ज कराएंगे।
पर्यटन मित्र ने किया ताज पूर्वी गेट पर प्रदर्शन
‘पर्यटन मित्र’ ने ताजमहल के प्रवेश टिकट में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए शिल्पग्राम फैसिलिटी सेंटर पर प्रदर्शन किया। संस्था के सदस्यों ने विदेशी पर्यटकों के साथ हाथों में टिकट बढ़ोतरी वापस लेने के स्लोगन को लेकर नारेबाजी की और टिकट दर कम करने की मांग की।
बता दें कि एएसआई ने एक अप्रैल से टिकट की कीमत में बढ़ोतरी की है। इससे ताज का टिकट विदेशी पर्यटकों के लिए 750 की जगह 1000 रुपये और भारतीय पर्यटक के लिए 20 की जगह 40 रुपये हो गया है। पर्यटन मित्रों ने धनौली में सिविल टर्मिनल का काम जल्द शुरू कराने और आगरा में ही ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन में नेशनल चेंबर अध्यक्ष अशोक गोयल, डा. आनंद राय, अतुल गुप्ता, अनूप गोयल, वत्सला प्रभाकर, संजय शर्मा, विवेक साराभाई, कुशकांत गुप्ता, यूएन शुक्ला, वीरेंद्र गुप्ता, अनिल शर्मा, स्वतंत्रत कुमार, संजीव शर्मा, स्वाति शाह आदि मौजूद रहे।
‘ताज के दीदार के लिए जिन देशों से ज्यादा पर्यटक आते हैं, वहां आर्थिक मंदी चल रही है। इस वजह से दो साल से विदेशी पर्यटकों की तादात कम हुई है। टिकट दर घटाने की जरूरत थी।’
प्रहलाद अग्रवाल
अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर
ताजमहल पर सुविधाएं देते नहीं और टिकट दर बढ़ा देते हैं। कम से कम दो दिन के लिए विदेशी पर्यटकों की टिकट की वैद्यता हो, तब तो पर्यटक रुकें। सुप्रीम कोर्ट तक राज्य और केंद्र सरकार को टिकट की विसंगतियों को दूर करने को कह चुका है।
राजीव तिवारी, अध्यक्ष, पर्यटन मित्र