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Agra News: शपथपत्र बनेगा आरटीओ का हथियार...फंसेंगे स्कूल प्रबंधक

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आगरा। स्कूल वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर जिम्मेदारी तय करना सबसे बड़ा सवाल बन जाता है। इससे कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती है। अब संभागीय परिवहन विभाग वाहनों के संबंध में स्कूल प्रबंधकों से शपथपत्र मांग रहा है। इस मामले में अब तक 1400 स्कूलों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।
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संभागीय परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों पर स्कूल वाहन की दुर्घटना के बाद गाज गिरी थी। इससे अब स्कूल वाहनों के नियमों को कड़ा किया गया है। एत्मादपुर क्षेत्र में एक खटारा बस के अंदर से बच्ची सड़क पर गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में विभाग स्कूल को दोषी मान रहा था लेकिन स्कूल प्रबंधक वाहन की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया।
इसी के मद्देनजर आरटीओ उन स्कूलों से शपथपत्र मांग रहा है, जो वाहन संचालित कर रहे हैं। विभाग के पास पांच हजार से अधिक स्कूलों की सूची है। वाहन की फिटनेस, बीमा, परमिट से चालक के ड्राइविंग लाइसेंस तक की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य को लेनी होगी। अब तक कई स्कूल प्रबंधक वाहनों की जिम्मेदारी लेने से मना कर देते हैं, जबकि उनके स्कूलों में बच्चों को लाने और छोड़ने के लिए वाहन लगे हुए हैं। शपथपत्र देने के बाद स्कूल प्रबंधक वाहन की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकेंगे।
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शपथपत्र न देने पर बन जाएंगे दोषी
कोई स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य नोटिस के बाद भी शपथपत्र भरकर नहीं देता है। उसके खिलाफ आरटीओ कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। नोटिस में साफ लिखा है कि शपथपत्र न भरने की स्थिति में माना जाएगा कि स्कूल कोई वाहन संचालित नहीं कर रहा है। भविष्य में उस स्कूल के बच्चे किसी वाहन में मिलते हैं, तो सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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नोटिस भेजकर मांगे जा रहे शपथपत्र
कई स्कूल प्रबंधक वाहनों की जिम्मेदारी लेने से मना कर देते हैं। जबकि उनके स्कूलों के बच्चों को लाने व छोड़ने के लिए वाहन लगे हैं। इसी पर नोटिस भेजकर शपथपत्र मांगे जा रहे हैं। अब तक 1400 स्कूली प्रबंधकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। - विनय कुमार सिंह एआरटीओ (प्रशासन)
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