आगरा देहली गेट स्थित रवि हॉस्पिटल पर फिर संक्रमित अधिवक्ता के इलाज खर्च में करीब 5.50 लाख रुपये वसूली के आरोप हैं। पीड़ित ने बिलिंग में धोखाधड़ी, साधारण बेड के नाम पर आईसीयू व जांच खर्च में फर्जीवाड़े शिकायत जिलाधिकारी, सीएमओ व महामारी लोक शिकायत समिति के समक्ष दर्ज कराई है।
पीड़ित अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह के मुताबिक 15 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर वह एसएन मेडिकल कॉलेज गए थे। वहां बेड खाली नहीं होने पर जिला अस्पताल गए। वहां भी बेड नहीं मिलने पर सीएमओ के कहने पर रवि हॉस्पिटल में भर्ती हुए। 30 अप्रैल को वहां से डिस्चार्ज होने पर अस्पताल ने 3.33 लाख रुपये बिल वसूला। करीब 1.50 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल की फार्मेसी से मंगाई। करीब 50 हजार रुपये जांच के नाम पर लिए गए।
इस तरह 16 दिन में करीब 5.50 लाख रुपये खर्च हुए। अधिवक्ता ने कहा, 5.50 लाख के अलावा करीब 1.50 लाख रुपये के रेमेडिसिविर इंजेक्शन बाहर से मंगाए गए। उनका आरोप है कि उन्हें आठ हजार रुपये प्रति दिन खर्च वाले साधारण वार्ड में रखा गया। बिल 18 हजार रुपये प्रतिदिन के आईसीयू का बनाया। अस्पताल एनएबीएच मान्यता प्राप्त नहीं है।