आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में एडवांस नवजात सघन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) तैयार हो गया है। इसमें शिशुओं को जन्मजात विकारों की सर्जरी के बाद विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सके। टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति के बाद यूनिट फरवरी के अंत में शुरू हो जाएगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शिशुओं की सर्जरी के बाद विभाग के पास अपना एनआईसीयू नहीं था। इनको बाल रोग विभाग में भर्ती करना पड़ता था। इससे अन्य परेशानी वाले शिशुओं का इलाज भी प्रभावित होता था। अब सर्जरी विभाग में 10 बेड का एडवांस एनआईसीयू बनाया गया है। इसमें वार्मर समेत अन्य जीवनरक्षक उपकरण लग गए हैं। वेंटिलेटर लगाना बाकी है। कुछ महीनों बाद 10 बेड और बढ़ा दिए जाएंगे। चिकित्सकों की नियुक्ति हो गई है। टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की भी नियुक्ति की जा रही है। इससे फरवरी के अंत तक ये यूनिट शुरू हो जाएगी। इससे आसपास के जिलों के मरीजों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी।
200 नर्सिंग स्टाफ की होगी नियुक्ति
एसएन कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की कमी है। अभी यहां पर 378 नर्सिंग स्टाफ है। ये सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, वार्ड, इमरजेंसी में सेवाएं दे रहे हैं। शासन स्तर से 200 नर्सिंग स्टाफ की जल्द नियुक्तियां होंगी। इनके आने के बाद एनआईसीयू के अलावा अन्य विभागों में तैनात किया जाएगा।
24 घंटे रहेंगे विशेषज्ञ
एडवांस एनआईसीयू के नोडल प्रभारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि एसएन में शिशुओं के पेट, हृदय, किडनी, लिवर और जननांगों के जन्मजात विकारों की सर्जरी करने के बाद एनआईसीयू में भर्ती किया जाएगा। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में 24 घंटे इलाज मिलेगा।