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अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर सुरक्षित लाएंगे एडीआरडीई के पैराशूट, हो चुकी है टेस्टिंग

Thu, 22 Nov 2018 05:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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पैराशूट - फोटो : अमर उजाला
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भारत के पहले अंतरिक्ष मानव मिशन के यात्रियों को सुरक्षित लौटाने की जिम्मेदारी आगरा के हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास संस्थापन (एडीआरडीई) की है। अंतरिक्ष से धरती की कक्षा में प्रवेश के बाद क्रू मॉड्यूल को पानी या जमीन पर एडीआरडीई के बनाए पैराशूट ही लेकर आएंगे। 
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किसी भी दुर्घटना की स्थिति में क्रू एस्केप सिस्टम अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखेगा। इसका परीक्षण श्रीहरिकोटा में हो भी चुका है। अंतरिक्ष मिशन में यह रिकवरी सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है। एडीआरडीई के बनाए पैराशूट अंतरिक्ष मिशन के दौरान क्रू मॉड्यूल को उतारने में सक्षम हैं। 

इसका परीक्षण आईआईटी कानपुर और इसरो की टीम कर चुकी हैं। मानव मिशन में उपयोग होने वाला क्रू मॉड्यूल दो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बनाया गया है, जिसे तीन के लिए भी तैयार किया जा सकता है। पूर्व में मार्स मिशन में भी एडीआरडीई के पैराशूट की मदद से ही रोवर मंगल की सतह पर पहुंचाया गया था।
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दुर्घटना में बाहर निकालेगा ‘क्रू एस्केप सिस्टम’

भारत के पहले अंतरिक्ष मानव मिशन को एकदम सुरक्षित करने के लिए टेस्टिंग चल रही हैं। नासा की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की तरह लौटते में या अंतरिक्ष यान की उड़ान में शुरूआत में ही अगर कोई दुर्घटना होती है तो यह क्रू एस्केप सिस्टम अंतरिक्षयात्रियों को बाहर निकालने का काम करेगा। 

पूरी तरह स्वदेशी सिस्टम में डमी यात्रियों को सुरक्षित निकालने की टेस्टिंग के दौरान यह क्रू 2.5 किमी दूर मिला। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में 300 सेंसरों से परीक्षण को रिकॉर्ड किया गया। अंतरिक्ष में मानव मिशन केलिए पैड अबार्ट सिस्टम का भी परीक्षण हो चुका है। 

क्रू मॉड्यूल में होंगे 6 पैराशूट

अमेरिका, रूस, चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा देश बनने जा रहा है, जो स्वदेशी रिकवरी सिस्टम को तैयार कर रहा है। एडीआरडीई द्वारा तैयार रिकवरी सिस्टम के तहत क्रू मॉड्यूल में 6 पैराशूट होंगे, जिसमें 8 मीटर व्यास के दो-दो करके क्रू मॉड्यूल से अलग होते जाएंगे।  31 मीटर व्यास वाले आखिरी दो पैराशूट क्रू मॉड्यूल को नीचे लेकर आएंगे। इसे ह्यूमन स्पेस रिकवरी सिस्टम का नाम दिया गया है।

एडीआरडीई के निदेशक एके सक्सेना ने बताया कि देश के पहले अंतरिक्ष मानव मिशन का हिस्सा बनना एडीआरडीई के लिए गौरवशाली है। एडीआरडीई द्वारा तैयार किए गए रिकवरी सिस्टम और पैराशूट के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों के क्रू कैप्सूल को यान से अलग कर के सुरक्षित पानी या जमीन तक पहुंचाएगा।
 
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