आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक और उपलब्धि जुड़ गई। 14 साल बाद एसएन नर्सिंग कॉलेज शुरू हो गया है। इसमें बीएससी नर्सिंग कोर्स की 40 सीटों के लिए 36 छात्रों की काउंसिलिंग हुई है। 26 छात्रों ने शुल्क जमा कर प्रवेश ले लिया है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 2008 में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज तैयार हुआ था। इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता भी मिल गई थी, लेकिन शासन से अनिवार्यता प्रमाणपत्र नहीं मिल सका था। इस कारण प्रवेश प्रक्रिया लटकी हुई थी।
बीती जुलाई में प्रमाणपत्र मिलने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनीवर्सिटी लखनऊ में बीएससी नर्सिंग कोर्स 2021-22 सत्र के लिए 36 छात्रों ने काउंसिलिंग कराई। इनमें से 26 छात्रों ने शुल्क जमा करते हुए प्रवेश ले लिया है। प्रवेश की सात फरवरी अंतिम तारीख है। कॉलेज के लिए शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव भी महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने शासन को भेज दिया है। अगले सत्र के लिए बीएससी नर्सिंग कोर्स की 60 सीटें किए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
ये दो बड़ी सुविधाएं मिलेंगी
प्रभारी अधिकारी फार्मेसी विभाग के प्रो. एसपी विश्नोई ने बताया कि चार साल के बीएससी नर्सिंग कोर्स में 40 सीटें हैं। इस तरह से चार साल में 160 प्रशिक्षु नर्स मेडिकल कॉलेज को मिलेंगी, जिससे एसएन में चली आ रही नर्सिंग स्टाफ की कमी पूरी होगी। दूसरी सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी राहत होगी। इसमें एक साल के लिए 11500 रुपये शुल्क है, जबकि निजी नर्सिंग कॉलेज में एक साल की 80 हजार से अधिक फीस है।
दो ब्लॉक में चलेगा नर्सिंग कॉलेज
नर्सिंग कॉलेज के दो ब्लाक बनाए गए हैं। इनमें प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्किल लैब के अलावा शिक्षकों के लिए अलग-अलग कक्ष हैं। नर्सिंग छात्रों के लिए प्रशिक्षण कक्ष भी है, जिसमें डमी मरीज समेत अन्य उपकरण हैं, जिसका इलाज के दौरान इस्तेमाल और मरीजों के इलाज करने के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।