आगरा। बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत 500 बच्चों के प्रवेश फंसे हुए हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रवेश न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग अधिकारी नोटिस जारी करने में लगे हैं।
नया सत्र शुरू होने के बाद भी बच्चे और अभिभावक स्कूलों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। निवर्तमान बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड ने 20 नोडल अधिकारियों की तैनाती की थी। इन सभी को बच्चों के प्रवेश कराने की जिम्मेदारी दी गई। उसी हिसाब से स्कूलों का अलग-अलग आवंटन भी किया गया। इसके बाद भी बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि आरटीई के तहत प्रवेश न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी। अभिभावकों की शिकायत पर बैठक करेंगे। प्रवेश में क्या दिक्कत आ रही है, उसे दूर कराया जाएगा।
बच्ची का कहीं और प्रवेश करा लें
मुगल रोड, लश्करपुर, कमला नगर निवासी अमित कुमार ने बताया कि बेटी नैना का एलकेजी में प्रवेश होना था। वह कई बार स्कूल के चक्कर लगा चुके हैं। पहले सूची न आने की जानकारी दी गई। इसके बाद स्कूल प्रबंधक ने प्रवेश लेने से मना कर दिया और दूसरी जगह प्रवेश लेने की बात कही। अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला प्रवेश
मालती देवी ने बताया कि बेटी शानवी का नर्सरी में प्रवेश नेहरू एन्क्लेव स्थित एक स्कूल में होना था। स्कूल लॉटरी के माध्यम से चयनित हुआ था। वह कई बार स्कूल गईं, लेकिन हर बार कुछ दिन बाद आने को कहा गया। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारी (नगर) सुमित सिंह से शिकायत की। स्कूल को नोटिस जारी कर प्रवेश देने के निर्देश भी दिए। इसके बाद भी प्रवेश नहीं हुआ।