वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा देने के लिए प्रशासन तैयार
- एसडीएम ने किसानों के साथ बैठक कर जानी उनकी राय
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी। तीस वर्ष पूर्व समान पक्षी विहार के लिए करीब पांच सौ किसानों की जमीन को प्रदेश सरकार द्वारा अधिगृहीत किए जाने के बाद किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। प्रशासन अब वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा देने को तैयार है। किसानों की राय जानने के लिए एसडीएम ने सोमवार को किसानों के साथ बैठक करके उनकी राय जानी।
समान पक्षी विहार के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सन 1990 में क्षेत्र की करीब 294 हेक्टेयर जमीन जिसमें ग्रामसभा तथा वन विभाग के अलावा किसानों की जमीन भी है का अभी तक किसी सरकार द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया। सरकार पुराने सर्किल रेट से मुआवजा देने के लिए तैयार थी। किसानों का कहना है कि वह तीस वर्ष पूर्व अपनी जमीनों को गंवा चुके हैं। एक गांव भागनगर का अस्तित्व तक खत्म हो चुका है। मुआवजा की आस में कई किसान मर चुके हैं। कई किसान भुखमरी के कगार तक पहुंच गए हैं।
डीएम अविनाश कृष्ण सिंह के आदेश पर एसडीएम योगेंद्र कुमार ने किसानों के साथ बैठक की। किसानों को बताया कि प्रशासन किसानों को वर्तमान सर्किल रेट पर मुआवजा देने को तैयार है। किसानों ने कहा कि यदि सरकार को किसानों की वास्तव में चिंता है तो वह पुराने सर्किल रेट के स्थान पर नए सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा किसानों को दे। तभी किसान अपनी जमीनोंं को सरकार को दे सकेंगे। एसडीएम ने बताया कि किसानों की मंशा को शासन तक पहुंचाया जाएगा। सरकार जैसा निर्णय लेगी उसका प्रशासन पालन करेगा। नायब तहसीलदार पुष्पेंद्र यादव, लेखपाल संदीप यादव, प्रधान उमेश शर्मा मौजूद रहे।