प्रशासन से अनुमति न मिलने के बावजूद अब राम बरात 11 अक्तूबर को ही निकाले जाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस-प्रशासन के फैसले में कोई परिवर्तन नहीं आया है, लेकिन राम बरात के लिए संगठनों ने तैयारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने गुरुवार को आमंत्रण पत्रों का वितरण किया। लोगों से कहा गया है कि बरात 11 को ही निकलेगी।
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मंडल प्रवक्ता संजय जाट ने बताया कि श्रीराम बरात की तारीख नहीं बदली जाएगी। उधर, प्रधान संगठन ने एलान कर दिया कि अगर प्रशासन ने छह अक्तूबर तक राम बरात की अनुमति नहीं दी तो सात को डीएम का घेराव किया जाएगा।
संगठन की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अनुमति मिले या नहीं 11 अक्तूबर को भगवान राम की बरात निकाली जाएगी। इसमें प्रधान संगठन भी शामिल होगा। प्रधानों ने कहा कि प्रशासन राम बरात के आयोजन की अनुमति न देकर अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा कर रहा है।
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बैठक में बंटी प्रधान आंवलखेड़ा, विष्णु प्रधान, चौधरी योगेश यादव, बब्बू चौहान, उपेंद्र सिंह, उदयवीर सिंह, हरी सिंह, ब्रज केशरी, सतीश चंद्र, लक्ष्मी नारायन, नरेंद्र सिह सिकरवार, धर्मेंद्र सिंह चौधरी, बच्चू सिंह, सत्यवीर सिंह, राम किशन, अजय होल्कर, राजेश बघेल, नरोत्तम सिंह आदि मौजूद रहे।
राम बरात आयोजन समिति के सदस्यों को मुचलका पाबंद किए जाने के विरोध में हिंदू महासभा ने आमंत्रण यात्रा निकाली। चेतावनी दी कि अगर मुचलके आठ तक वापस नहीं लिए तो नौ को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने 11 अक्तूबर को हिंदू समाज के लोगों से आंवलखेड़ा पहुंचने की अपील की। साथ ही आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई। गुरुवार को हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जाट के नेतृत्व में हिंदू महासभा के दर्जनों पदाधिकारी आंवलखेड़ा पहुंचे, जहां से उन्होंने पहले ग्रामीणों के साथ बैठक की।
आंवलखेड़ा प्रकरण में विहिप कार्यालय पर गुरुवार को हुई बैठक में प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा कि प्रशासन परंपरागत श्रीराम बरात को रोकर बेवजह टकराव की स्थिति पैदा कर रहा है।
राम बरात तो हर हाल में निकलेगी। इसके लिए विहिप और बजरंग दल का एक-एक कार्यकर्ता आंवलखेड़ा पहुंचेगा। यदि प्रशासन ने इसे रोका तो सड़क पर आंदोलन होगा। बैठक में ही फोन के माध्यम से प्रांतीय पदाधिकारियों को भी पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई।
बताया कि स्थानीय लोगों को दस-दस लाख रुपये पाबंद कर दिया है। प्रांत उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रांत की टीम भी जल्द आंवलखेड़ा जाएगी। बैठक में राकेश त्यागी, दिग्विजयनाथ तिवारी, रामेश्वर सिंह, नवल त्यागी, विनोद माहौर आदि मौजूद थे।