प्रशासन के मुताबिक, दयालबाग के मौजा जगनपुर और खासपुर की 10 हेक्टेयर जमीन पर राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग ने कब्जा कर रखा है। सार्वजनिक सड़कों पर गेट लगाकर किए गए इन कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने सत्संग सभा को नोटिस दिया था।
शनिवार को समय सीमा खत्म होने के बाद एसडीएम सदर परीक्षित खटाना, तहसीलदार रजनीश वाजपेयी, पुलिस और पीएसी के साथ दयालबाग शूटिंग रेंज से सटे गेट पर बुलडोजर लेकर पहुंचे। सुबह 9 बजे बुलडोजर से गेट नंबर 8 को ढहा दिया। फिर अंदर जाकर श्मशान घाट, कॉलोनी के पास वाला गेट तोड़ दिया। यहां बनी दीवार ढहा दी। दीवार और गेट तोड़ते ही सत्संगी इकट्ठे होकर हंगामा करने लगे।
उधर, प्रशासन की टीम खासपुर गांव पहुंची तो सत्संगियों ने गेट नंबर 8 का निर्माण फिर कर दिया और दीवार बनाने लगे। खासपुर में प्रशासन ने दो गेट ध्वस्त किए।
खासपुर से लौटे, फिर चलवाया बुल्डोजर
एसडीएम सदर और डीसीपी सूरज राय वापस लौटे तो दुबारा गेट बना देखकर फिर से बुलडोजर चलवाया। दीवार और गेट तोड़ दिए। अपराह्न 3 बजे के बाद पुलिस, पीएसी लौट गई तो सत्संग सभा ने फिर से निर्माण शुरू कर दिया। इस पर प्रशासन ने शाम को एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है।
दूसरी ओर राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों के खिलाफ प्रशासन एफआईआर दर्ज कराने के साथ उन्हें भूमाफिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर चुका है। 26 सितंबर को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता वाली एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स भूमाफिया घोषित करने के मामले पर निर्णय लेगी।