कासगंज। देवोत्थान एकादशी के मौके पर घर-घर में देवों को जागृत कर पूजा-अर्चना की गई। मंगल कामना के साथ उठो देव, बैठो देव के बोल गुनगुनाकर परंपरागत तरीके से पूजा की गई। देवों को प्रिय गन्ना, शकरकंद, सिंघाड़ा समेत अन्य पकवान अर्पित किए गए।
पर्व के मौके पर भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। चार माह से सो रहे देव को जगाने के लिए सुबह से तैयारियां शुरू हो गईं। तरह तरह के पकवान तैयार किए गए। इसके बाद घरों पर आकर्षक रंगोली सजाकर देवों की आकृति बनाई गई तो वहीं जिन लोगों को रंगोली सजाना नहीं आता उनके द्वारा बाजार से पूजा के कलंडर की खरीदारी की।
इसके बाद विधि विधान से घरों में देवों को नई फसल गन्ना, सिंघाडे़, शकरकंद, कपास आदि भेंट की तो वहीं महिलाओं ने व्रत रखकर विष्णु भगवान का पूजन किया। शाम को गन्ने का मंडप बनाकर शंख, घंटे, थाल बजाकर श्रद्धालुओं ने ...जागो देव उठो देव, कहकर देवताओं को उठाया। साथ ही परिवार की खुशहाली की कामना की।