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एडीजी अजय आनंद ने कहा, बदल रहा है पुलिस का रवैया, आप भरोसा कीजिए

Fri, 28 Sep 2018 11:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आगरा में पुलिस की पाठशाला में एडीजी अजय आनंद। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला लगी नेहरू एंक्लेव, शमसाबाद रोड स्थित जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल में। टीचर की भूमिका में रहे एडीजी जोन अजय आनंद। उन्होंने छात्र-छात्राओं को न केवल अनुभवी अध्यापक की तरह बेसिक पुलिसिंग के बारे में बताया, बल्कि एक अच्छे दार्शनिक की तरह जीवन का दर्शन भी समझाया। 

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उन्होंने कहा, अगर आप कानून का सम्मान करोगे तो आपका जीवन आसान होगा। पुलिस का रवैया  बदल रहा है, आप भरोसा कीजिए। एडीजी ने छात्र छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्हें यूपी -100, वीमेन पॉवर लाइन 1090 के बारें जानकारी दी। 

छात्राओं से कहा कि अगर आपको कोई परेशान करता है तो सिर्फ 100 या 1090 पर एक कॉल कर दीजिए, आपसे कोई सुबूत नहीं मांगा जाए ,मनचले को सबक सिखा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बगैर हेलमेट पहने दोपहियां वाहन नहीं चलाना चाहिए। 
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अगर पापा हेलमेट नहीं पहनते हैं तो उन्हें समझाइए कि उनका जीवन आपके लिए बेशकीमती है। हादसों में सबसे ज्यादा मौतें बाइक सवार लोगों के हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। उन्होंने रेप की घटनाओं पर कहा कि इनमें ज्यादातर आरोपी जान पहचान वाले होते हैं। जागरुकता से ही इन घटनाओं से बचा जा सकता है। 

आगरा में पुलिस की पाठशाला में एडीजी अजय आनंद। - फोटो : अमर उजाला
वैसे पुलिस अधिकारी महिला अपराध पर बेहद संवेदनशील हैं। कोई छेड़छाड़ करे तो चुप न रहें, शिकायत जरूर करें। अगर स्कूल में कोई दबंगई करे, मारपीट करे तो टीचर और प्रिंसिपल को जरूर बताएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों से मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, ताकि बच्चे उनसे कुछ छिपाए नहीं। 

स्कूल के एमडी विनोद बंसल ने कहा कि पुलिस का सम्मान करें। क्योंकि वो रात-रात भर ड्यूटी करते हैं। अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं। इसलिए सभी विद्यार्थी उनके बच्चों के साथ भी मिल-जुलकर रहें।

धानाचार्य ममता दुबे ने धन्यवाद दिया। मंच का संचालन रीना बनर्जी ने किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी मोहित बंसल, मैनेजमेंट मेंबर बृजमोहन शर्मा मौजूद रहे।

यूं चला सवाल-जवाब का दौर

पुलिस की पाठशाला में सवाल पूछती छात्रा। - फोटो : अमर उजाला
सवाल : अगर पुलिस अधिकारी का बेटा या रिश्तेदार अपराध करे तो पुलिस उस पर कार्रवाई क्यों नहीं करती?
जवाबः  अगर निचले स्तर पर सुनवाई न हो तो उच्च अधिकारियों से शिकायत करें, एक्शन जरूर होगा। अपराध करने पर पुलिस अफसर तक जेल गए हैं।

सवाल : अगर छेड़छाड़ की शिकायत की जाए तो पुलिस सुबूत मांगती है, हम सुबूत कहां से लाएं?
जवाब : कोई सुबूत नहीं मांगेगा, सिर्फ 100 नंबर या 1090 पर फोन कर दीजिए। बाकी काम पुलिस करेगी।

सवाल : पुलिस की नौकरी में जाने के फायदे और नुकसान क्या हैं?
जवाब : फायदा तो यह है कि बड़े से बड़ा गुंडा भी पुलिसवाले से डरता है। नुकसान यह है कि पुलिसवाले परिवार को समय कम दे पाते हैं।

सवाल : अगर पुलिसवाले अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं तो क्या किसी लड़की को पुलिसवाले से शादी करनी चाहिए?
जवाब : काफी सोच विचार के बाद एडीजी ने कहा, इस सवाल पर इतना ही कहूंगा, जोड़ियां ऊपर वाला तय करता है।
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छात्रा ने जीत लिया दिल

पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
छात्रा सोनम गुप्ता ने कहा कि पुलिस भले ही अपने परिवार को समय न दे पाए, लेकिन उसके लिए हम सब लोग परिवार होते हैं। पुलिसवाले अपना त्योहार छोड़कर हमारा त्योहार मनवाते हैं। वे जागते हैं, तब हर चैन से सो पाते हैं। इस पर हॉल तालियों से गूंज उठा। 

एडीजी ने सोनम की तारीफ करते हुए कहा कि उनका आज का दिन सार्थक हो गया। सवाल करने वालों विद्यार्थियों में सोनल उपाध्याय, वैष्णवी मिश्रा, तान्या शर्मा, दीपक सिंह, आशीष, महिमा चौहान, सबाह खान शामिल रहे।
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