आलोक कुमार ने एसएन मेडिकल कॉलेज में सवा घंटा निरीक्षण किया। इस दौरान कोरोना और अन्य मरीजों के उपचार की व्यवस्था देखी। इसकेबाद आधा घंटा मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ मींटिंग की। इसमें व्यवस्थाओं केबारे में जानकारी की। उन्होंने कहा कि उपचार की व्यवस्था में सुधार हुआ है, इसे और बेहतर करना है। मुआयने के दौरान उन्होंने चिकित्साधिकारियों से सवाल किए।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने रविवार को पहुंचे अपर मुख्य सचिव और आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने प्राचार्य संजय काला को निर्देश दिए कि इमरजेंसी में बेड बढ़ाए जाएं।
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किसी भी मरीज को भर्ती होने के लिए ऑटो और एंबुलेंस में इंतजार न करना पड़े। मरीज की हालत गंभीर है तो तुरंत भर्ती किया जाए, पर्चा बनवाने के लिए भी इंतजार न कराया जाए। ऑक्सीजन टैंक की क्षमता दोगुनी की जाए।
आलोक कुमार ने एसएन मेडिकल कॉलेज में सवा घंटा निरीक्षण किया। इस दौरान कोरोना और अन्य मरीजों के उपचार की व्यवस्था देखी। इसकेबाद आधा घंटा मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ मींटिंग की। इसमें व्यवस्थाओं केबारे में जानकारी की। उन्होंने कहा कि उपचार की व्यवस्था में सुधार हुआ है, इसे और बेहतर करना है। मुआयने के दौरान उन्होंने चिकित्साधिकारियों से सवाल किए।
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कोविड अस्पताल : आईसीयू प्रभारी से पूछा, कितने वेंटिलेटर हैं
आलोक कुमार10:45 बजे कोविड अस्पताल में पहुंचे। आईसीयू प्रभारी से पूछा कि कितने वेंटिलेटर हैं, रेमडेसिविर इंजेक्शन कितने हैं। रेफ्रिजरेटर खोलकर देखा, जिसमें इंजेक्शन पर मरीज का नाम लिखा था। कंट्रोल रूम में डॉक्टर से पूछा कि तीमारदार मरीज की जानकारी कैसे लेते हैं। डॉक्टर ने हेल्प लाइन नंबर और तीमारदारों के नंबर का रजिस्टर दिखाकर फोन से जानकारी देने की बात बताई।
ऑक्सीजन टैंक : संजय जी, क्षमता कितनी है
11 बजे ऑक्सीजन टैंक के पास पहुंचे, प्राचार्य संजय काला से पूछा कि कितनी क्षमता है, क्या मरीजों के लिए पर्याप्त है। प्राचार्य ने बताया कि अभी छह हजार किलोलीटर की क्षमता है, 100 मरीजों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने जरूरत पर बेड बढ़ाए गए तो ऑक्सीजन की कमी होगी, ऐसे में इसे दोगुना करने को कहा।
बाल रोग विभाग : यह कब शुरू किया गया
ऑक्सीजन टैंक से बाल रोग विभाग की इमारत में बने 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड पहुंचे। यहां की यहां व्यवस्थाएं देखी। इसकेबाद चिकित्सकों से पूछा कि कब से यह शुरू हुआ है। चिकित्सकों ने बताया कि बीते सप्ताह मरीज बढ़ने के बाद इसकी शुरूआत की गई।
प्राचार्य ने दिए 22 करोड़ के प्रस्ताव
1. उपकरणों की मरम्मत के लिए 1.23 करोड़ रुपये
2. अस्पताल के फर्नीचर-उपकरण के लिए 6.75 करोड़
3. कोविड विंग के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन के लिए 12 लाख रुपये
4. संविदा कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए दो करोड़ रुपये
उपकरण की खरीद के लिए प्रस्ताव मिले हैं : आलोक
निरीक्षण के बाद अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि कोरोना मरीज बढ़ने से दिक्कत जरूर हुई है, लेकिन कोविड-नॉन कोविड मरीजों का इलाज बेहतर किया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी अब नहीं है। बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर और टैंक की क्षमता बढ़ाने के लिए कहा है। आवश्यक उपकरण की खरीद के लिए प्राचार्य से प्रस्ताव मिले हैं, इन्हें मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।