होटल निर्माण की अनुमति देने से पहले लोगों से आपत्तियां मांगी गईं हैं। अगर किसी को कोई आपत्ति है, तो वह लिखित आपत्ति या सुझाव एडीए कार्यालय में 12 अप्रैल तक प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तावित होटल का मानचित्र एडीए के भवन अनुभाग में देखा जा सकता है।
आगरा के ताजनगरी फेज-1 के रिहायशी इलाके में अब व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने एक आवासीय भूखंड पर होटल निर्माण की अनुमति देने से पहले आपत्तियां मांगी हैं। ये कदम मास्टर प्लान-2025 के उन विशेष प्रावधानों के तहत उठाया गया है, जो आवासीय क्षेत्रों में सीमित व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देते हैं।
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दीपक मदान ने एडीए में ताजगंज वार्ड स्थित प्लॉट संख्या 50 पर होटल निर्माण के लिए ऑनलाइन मानचित्र प्रस्तुत किया है। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्माैली ने बताया कि वर्तमान में भू-उपयोग आवासीय है। यह भूखंड 9.14 मीटर चौड़े मार्ग पर स्थित है। नियमानुसार आवासीय क्षेत्र में 20 कमरों तक के होटल के संचालन का प्रावधान है, लेकिन भू-उपयोग बदलने से पहले लोगों की राय लेना अनिवार्य है।
ऐसे दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
यदि किसी स्थानीय निवासी या संस्था को आवासीय क्षेत्र में होटल निर्माण से कोई आपत्ति है, तो वह लिखित आपत्ति या सुझाव एडीए कार्यालय में 12 अप्रैल तक प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तावित होटल का मानचित्र एडीए के भवन अनुभाग में देखा जा सकता है।
ये पड़ सकता है असर
- यातायात का दबाव : 9.14 मीटर की सड़क पर पर्यटकों की बस-टैक्सियां आने से जाम की समस्या हो सकती है।
- शांतिभंग की आशंका : आवासीय क्षेत्र में होटल बनने स्थानीय निवासियों की निजता और शांति प्रभावित हो सकती है।
- बुनियादी ढांचा : होटल बनने से सीवरेज, जलापूर्ति और बिजली की खपत आवासीय तुलना में कई गुना बढ़ जाएगी।
- व्यावसायीकरण : एक नक्शा पास होने से अन्य भूखंडों पर भी होटल बनने की राह खुलेगी, जिससे कॉलोनी का रिहायशी स्वरूप बदल सकता है।