फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडीए की लापरवाही: अंदर था परिवार, टीम ने मकान पर बाहर से लगा दी सील; भीषण गर्मी में चार घंटे रहे कैद

Wed, 06 May 2026 10:48 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

एडीए की टीम ने बिना घर की तलाशी लिए या भीतर मौजूद लोगों को आवाज दिए सीधे मुख्य दरवाजे पर सील लगा दी। भीषण गर्मी के बीच मासूम बच्चों सहित पूरा परिवार चार घंटे तक भीतर छटपटाता रहा। बाद में जानकारी होने पर टीम आननफानन पहुंची और सील खोली। 
विज्ञापन
बाहर सील लगने से मकान में कैद हो गया परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने इंसानियत को ताक पर रखकर बुधवार को अर्जुन नगर में ऐसी कार्रवाई की, जिसने विभाग की जमकर किरकिरी कराई। अर्जुन नगर में अवैध निर्माण सील करने पहुंची टीम ने यह भी नहीं देखा कि मकान के भीतर मासूम बच्चे और महिलाएं मौजूद हैं। टीम बाहर से ताला बंदकर सील लगाकर चली आई और छह सदस्यों का परिवार चार घंटे तक भीतर ही कैद रहा।
विज्ञापन


मामला शाहगंज वार्ड के अर्जुन नगर का है, जहां नवीन कुमार के निर्माणाधीन भवन को अवैध बताकर सील किया गया। भवन स्वामी का आरोप है कि विभाग ने उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी। जब टीम पहुंची, तो बिना घर की तलाशी लिए या भीतर मौजूद लोगों को आवाज दिए सीधे मुख्य दरवाजे पर सील लगा दी। भीषण गर्मी के बीच मासूम बच्चों सहित पूरा परिवार चार घंटे तक भीतर छटपटाता रहा। जब मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में आया, तब टीम ने मौके पर 4 घंटे बाद पहुंचकर दोबारा सील खोली और परिवार को बाहर निकाला।

प्राधिकरण के आदेश के अनुसार, धारा-27 और 28 के तहत नोटिस जारी किए गए थे और मानचित्र स्वीकृत न होने पर धारा-28क (1) के तहत अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। भवन स्वामी ने शमन के लिए 20 दिन का समय मांगा था, लेकिन विभाग ने इसे देरी करने का बहाना मानकर सील कर दिया। इस अमानवीय कार्रवाई ने एडीए के जूनियर इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
विज्ञापन


सवाल यह है कि यदि चार घंटों के दौरान घर के भीतर किसी की तबीयत बिगड़ जाती या कोई दुर्घटना हो जाती, तो इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेता? फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में विभाग के प्रति भारी रोष है। वहीं, एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली का कहना है कि लापरवाही की जांच कराई जाएगी। इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें