इनर रिंग रोड किनारे नया शहर बसाने का ख्वाब देख रहे आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के पास मुआवजा बांटने के लिए धन नहीं है। 612 हेक्टेयर भूमि पर 2011 में कब्जा तो कर लिया लेकिन 12 साल में भी किसानों को मुआवजा नहीं बांट सके। मुआवजा राशि पर रोज 3.52 लाख रुपये ब्याज बढ़ रहा है। बीते 25 महीने में ब्याज 102 करोड़ रुपये बढ़ा है। इससे 2021 में 513 करोड़ रुपये का मुआवजा अब 616 करोड़ रुपये हो गया है।
जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह की एडीए को भेजी रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ। 2008 में एडीए ने इनर रिंग रोड योजना बनाई थी। इससे शमसाबाद, फतेहाबाद और ताजमहल मार्ग को जोड़ना था। आसपास अन्य योजनाएं विकसित करने के लिए 2010 में रहनकलां, रायपुर, एत्मादपुर मदरा और बढ़ाना गांव की 938 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया। 326 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा बांटा। शेष 612 हेक्टेयर का मुआवजा नहीं बंटा। अप्रैल 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया शहर बसाने के निर्देश दिए तो एडीए को मुआवजा राशि जुटाने की याद आई है। शासन से 750 करोड़ रुपये की मांगे गए हैं।
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ऐसे बढ़ रहा ब्याज का बोझ
भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने 31 मार्च 2021 को एडीए से 612 हेक्टेयर भूमि के लिए 5,13,35,32,549 रुपये मांगे। बार-बार पत्र भेजे, लेकिन धन नहीं मिला। 15 प्रतिशत की दर से इस पर रोज ब्याज बढ़ता रहा। बुढ़ाना में प्रतिदिन 37,172 रुपये, एत्मादपुर मदरा में 1,27,620 रुपये, रायपुर में 90,593 रुपये और रहनकलां में 97,400 रुपये ब्याज बढा। इस तरह 25 महीने में 1,02,66,33,692 रुपये ब्याज बढ़ा। 31 मार्च 2021 को जिस भूमि का मुआवजा 5,13,35,32,549 रुपये देना था वह 21 अप्रैल 2023 को 6,16,01,66,241 हो गया। अन्य खर्च मिलाकर 750 करोड़ रुपये एडीए ने शासन से मांगे हैं।
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जमीन वापसी के लिए भूख हड़ताल
प्रभावित किसान मुआवजा नहीं मिलने व योजना धरातल पर नहीं उतरने पर जमीन वापस मांग रहे हैं। किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में 5 दिन से भूख हड़ताल कर रहे हैं। श्याम सिंह अस्पताल में भर्ती हैं। 2022 में इनर रिंग रोड लैंड पार्सल में जमीन घोटाला हो चुका है। तत्कालीन डीएम प्रभु एन सिंह के आदेश पर तत्कालीन भूमि अध्याप्ति अधिकारी, तहसीलदार, लेखपाल सहित 11 अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध आरोपपत्र दायर हैं। हरीपर्वत थाने में एफआईआर दर्ज हैं।
मांगी है धनराशि
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि मुआवजा वितरण के लिए शासन से धनराशि मांगी है। योजना वहीं लागू होगी। किसानों को जमीन वापस नहीं की जा सकती।