आगरा विकास प्राधिकरण 26 साल बाद सीमा का विस्तार करने जा रहा है। पूर्व में अधिसूचित 168 में 21 गांव बाहर होंगे। इसके साथ ही 303 नए गांव एडीए की सीमा में शामिल किए जाएंगे।
अवैध निर्माणों पर अंकुश, सुनियोजित विकास और भविष्य की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 26 साल बाद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) का सीमा विस्तार होने जा रहा है। 303 नए गांव सीमा में शामिल होंगे। पूर्व अधिसूचित 168 गांव में 21 गांव बाहर होंगे। फतेहाबाद व शमसाबाद नगर पालिका और किरावली व अछनेरा नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र एडीए के दायरे में आएगा। सीमा विस्तार के लिए एडीए ने प्रस्ताव तैयार किया है। अब इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। एडीए बोर्ड की 142वीं बैठक में सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। 2007 से सीमा विस्तार की कवायद चल रही थी।
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आखिरी बार 1998 में पांच नए गांव एडीए की सीमा में जोड़े गए थे। 1973 में एडीए बना। तब 144 गांव थे। फिर 1985 में 19 नए गांव और जोड़े गए। इस तरह 168 गांव तक एडीए की सीमा थी। 2010 में यमुना एक्सप्रेस-वे बना। जिसके बाद एडीए और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 21 गांव मांगे। जिन्हें नए सीमा विस्तार में एडीए ने सूची से बाहर कर दिया है।
अब एडीए की सीमा में फतेहाबाद और शमसाबाद नगर पालिका और किरावली व अछनेरा नगर पंचायत का संपूर्ण क्षेत्र शामिल होगा। वर्तमान में एडीए का सीमा क्षेत्र 1056.55 हेक्टेयर में फैला है। जो सीमा विस्तार के बाद 2000 हेक्टेयर से अधिक हो जाएगा। करीब 20 लाख आबादी एडीए की सीमा में आएगी।
14 महीने तक चली कवायद
एडीए ने सीमा विस्तार का प्रस्ताव 2008 में भेजा था। जिसे शासन ने पुराना बताते हुए संशोधन के निर्देश दिए। जनवरी 2023 में शहरी आवास एवं नियोजन प्रमुख सचिव ने पुन: संशोधित प्रस्ताव मांगा। जिसके बाद एडीए अध्यक्ष व मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी ने सीमा विस्तार का खाका खींचा। मार्च 2024 में प्रस्ताव को शासन भेजने का निर्णय हुआ।
ये होंगी नई सीमाएं
- उत्तर-पूरब दिशा में यमुना एक्सप्रेस-वे तक।
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में फतेहपुर सीकरी तक।
- पूरब-दक्षिण दिशा में इनर रिंग रोड क्षेत्र तक।
फैक्ट फाइल...
- 50 लाख आबादी है जिले की।
- 690 राजस्व ग्राम हैं जिले में।
- 4027 वर्ग किमी. क्षेत्रफल है।
शासन ने मांगा था प्रस्ताव
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने बताया कि शासन ने सीमा विस्तार का प्रस्ताव मांगा था। जिसके आधार पर विस्तार क्षेत्र का निर्धारण किया है। स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।