मैनपुरी। बरनाहल की ग्राम पंचायत अब्दुल नवीपुर में 7.35 लाख रुपये के घोटाले के मामले में डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्होंने मामले में प्रधान को भी नोटिस भेजा है। कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत अब्दुल नवीपुर में घोटाले की शिकायत की थी।
पांच सितंबर को डीपीआरओ स्वामीदीन गांव में पहुंच कर जांच करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने विकास कार्यों को देखने के साथ ही खातों के स्टेटमेंट भी देखे थे। जांच में पता चला कि यहां तत्कालीन सचिव अल्केश कुमार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में विकास कार्र्यों में 7.35 लाख का घोटाला किया है।
सचिव ने इंटरलॉकिंग और स्कूल में टाइल्स लगवाने के नाम पर कुल 7.35 लाख रुपये खाते से निकाल लिया, लेकिन न तो ये कार्य कार्ययोजना में शामिल थे और न ही इनके पूर्ति व उपभोग प्रमाणपत्र दिए गए। जांच के बाद सात सितंबर को सचिव को आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है।
संतोषजनजक जवाब न मिलने पर डीपीआरओ ने सचिव को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। वहीं ग्राम प्रधान रामबरन सिंह को तीन दिन पहले ही 95जी का नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इसलिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। जवाब आने के बाद उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
यह था मामला
ग्राम पंचायत अब्दुल नवीपुर निवासी अहिवरन, श्रीकृष्ण और रामचंद्र आदि ने जिलाधिकारी से गांव में विकास कार्यों में घोटाले की शिकायत की थी। इसमें उन्होंने ग्राम प्रधान रामबरन सिंह पर धनराशि हड़पने का आरोप लगाया था। मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
रिपोर्ट में देरी पर बदली थी जांच
शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी कपिल सिंह ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बीडीओ बरनाहल
और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को जांच के लिए नामित किया था। लेकिन दो माह बाद भी
इन अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट नहीं दी।
शिकायकर्ताओं की ओर से लगातार प्रार्थना पत्र देने के बाद सीडीओ
ने डीपीआरओ को जांच करने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद डीपीआरओ की जांच में 7.35 लाख का घोटाला खुला।
जांच में सचिव की ओर से सरकारी धनराशि का घोटाला करने का मामला सामने आया था। इसके बाद आरोप पत्र जारी किया गया था। वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए आरोप पत्र के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।
-स्वामीदीन, डीपीआरओ।