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निरीक्षण में तीन गोसेवक अनुपस्थित मिले, सीडीओ ने जताई नाराजगी

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जागीर के गांव गदाईपुर में गो आश्रय स्थल का निरीक्षण करते सीडीओ कपिल सिंह - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। गोशाला की हकीकत जानने के लिए मुख्य विकास अधिकारी कपिल सिंह ने मंगलवार को शहर के साथ ही दो गांवों में भी गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन गोसेवकों के अनुपस्थित मिले। साथ ही यहां अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को दो दिन में काम पूरा कराने के निर्देश दिए।
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मुख्य विकास अधिकारी शहर के टीपी नगर स्थित गोशाला पहुंचे। यहां कुछ जलभराव देखकर उन्होंने मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए। साथ ही गोवंशों की बेहतर देखरेख के भी निर्देश दिए। कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर के अवलोकन के दौरान पता चला कि कुल 20 गोसेवकों की यहां तैनाती है।
इसमें से प्रवीण, सत्येंद्र और विकास अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने भूसा और दाना का स्टॉक भी देखा। इसके बाद वे विकास खंड जागीर के गांव गदाईपुर में गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके समय यहां कोई कार्य नहीं मिला। यहां बबूल के पेड़ खड़े होने के साथ ही गंदगी पड़ी हुई थी।
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मौके पर उपस्थित सचिव को निर्देश दिए कि वह आश्रय स्थल में कराए गए कार्य की पंजिका उपलब्ध कराएं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी विमला देवी और सचिव अभिमन्यु सिंह को दो दिन में निर्माण का कार्य पूर्ण कराकर आख्या उपलब्ध करायने के निर्देश दिए।
वहीं ग्राम विकास अधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि गो आश्रय स्थल पर मेड़बंदी का कार्य कराया गया है, लेकिन ये कार्य मौके पर नहीं पाया गया। सीडीओ ने हथपऊ में भी गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां गोवंशों के लिए शेड और पानी की टंकी बनी पाई गई।
पानी की टंकी अधिक गहरी होने पर बताया कि अवर अभियंता के परामर्श पर निर्माण किया गया है। इस पर बीडीओ को अवर अभियंता का स्पष्टीकरण प्राप्त कर संस्तुति सहित उपलब्ध कराने के लिए कहा। वहीं खंड विकास अधिकारी विमला देवी को दोनों गो आश्रय स्थलों में दो दिन में कार्य पूर्ण न कराने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी।
मुख्य विकास अधिकारी कपिल सिंह ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय जागीर का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्वीकृत पद व खाली पदों की जानकारी ली। इस दौरान पता चला कि स्वीकृत स्टाफ 43 के सापेक्ष वर्तमान में 23 अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अनुपयोगी सामग्री का सत्यापन वर्ष 2014-15 से नहीं किया गया है। इस पर खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वह जल्द सत्यापन का आख्या उपलब्ध कराएं। इसके अलावा विकास खंड में 28 आडिट आपत्तियां अनिस्तारित चल रही हैं। इनके जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सीवीओ डॉ. पुष्प कुमार, सर्वेश कुमार शर्मा मौजूद रहे।
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