मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में संविदा कर्मचारियों के भर्ती मामले में जांच शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी की ओर से गठित जांच समिति ने संदिग्धों को नोटिस जारी किया है। इसका जवाब देने के लिए उन्हें समिति के सामने उपस्थित होना पड़ेगा। एसडीएम सदर और सीओ सिटी उनसे सवाल जवाब कर बयान दर्ज करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी की ओर से गठित दो सदस्यीय जांच समिति ने संविदा भर्ती मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें शामिल एसडीएम सदर ऋषिराज और सीओ सिटी अभय नरायन राय ने सभी अभिलेख और साक्ष्यों को तलब किया है। इसके साथ ही पूरे मामले में संदिग्ध दस लोगों को नोटिस जारी किया है। ये वह दस लोग हैं जिनके नाम शिकायत या प्राथमिक जांच में सामने आए हैं।
इन सभी लोगों को समिति के सामने प्रस्तुत होना पड़ेगा। यहां समिति के सवालों का जवाब देने के साथ ही अपने बयान भी दर्ज कराने होंगे। इसके लिए उन्हें सात दिन का समय दिया गया है। इस समय सीमा में अगर कोई बिना सूचित किए उपस्थित नहीं होता है तो उसे दोषी मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल जांच समिति को संादिग्धों का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार भर्ती से संबंधित कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही मिल सकेंगे।
ये था मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में संविदा पर जिला समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती की जानी है। इसमें परीक्षा से पूर्व ही वसूली का मामला सामने आया था। अधिकारियों के नाम पर एक कर्मचारी की ओर से वसूली का ऑडियो भी वायरल हुआ था। मामले में जिलाधिकारी महेंद्र बहाुदर सिंह के अनुमोदन पर मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने जांच समिति गठित की थी।
जांच समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। जो भी भर्ती मामले में संदिग्ध लोग हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उनके बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिराज, एसडीएम सदर।