आगरा और मथुरा में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आगरा के एसएन (सरोजिनी नायडू) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी जैन को बुधवार को हटा दिया गया है। इनके खिलाफ मरीजों के उपचार में लापरवाही की शिकायतें मिल रहीं थीं। उधर, मथुरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का तबादल किया गया है।
अनेजा को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ और जैन को डीएम आगरा दफ्तर से संबद्ध किया गया है। कानपुर मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला को कार्यवाहक प्रधानाचार्य और मुरादाबाद जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. बीबी पुष्कर को नया मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है।
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डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्रशासनिक आधार पर यह फेरबदल हुआ है। अनेजा और जैन के खिलाफ मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने की शासन को शिकायतें प्राप्त हुईं थीं।
प्रमुख सचिव ने किया एसएन का निरीक्षण
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने सोमवार को एसएन का निरीक्षण किया था। उपचार में लापरवाही मिलने के बाद यहां बड़े फेरबदल के आदेश दिए थे। प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी आलोक कुमार के साथ मंगलवार को बैठक में आगरा के जनप्रतिनिधियों ने भी कहा था कि एसएन में उपचार की व्यवस्था ठीक नहीं है।
अचानक छुट्टी चले गए थे प्राचार्य
एसएन मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था देखने के लिए शासन ने 17 अप्रैल को केजीएमयू से डॉ. विवेक कुमार और डॉ. सूर्यकांत को भेजा था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जिस समय आगरा में कोरोना का प्रकोप फैल रहा था, प्राचार्य सात अप्रैल को अचानक छुट्टी पर चले गए थे।
उन्होंने खुद को अस्वस्थ बताया था। इसके बाद वह नौ अप्रैल को आए और ज्वाइन कर लिया। इतना ही नहीं। एसएन में कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण देने में भी देरी की गई।
मथुरा में चुनिंदा लोगों को दिया गया वीआईपी ट्रीटमेंट
मथुरा में कोरोना संदिग्धों को तय मानकों से अलग ट्रीटमेंट देना भी सीएमओ डॉ. शेर सिंह का मथुरा से हटना माना जा रहा है। रविवार को नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान क्वारंटीन किए गए कुछ लोगों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। उन्हें अच्छे कमरों में रखा गया, जबकि अन्य क्वारंटीन किए गए लोगों के लिए की गई व्यवस्था सही नहीं थी। इसे लेकर नोडल अधिकारियों ने शासन को रिपोर्ट भेजी, जिसमें सीएमओ डॉ. शेर सिंह के साथ एसीएमओ के खिलाफ शिकायत की गई।
नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सीएमओ को हटाने का निर्णय लिया गया है। लगभग दो वर्ष मथुरा में अपने कार्यकाल के दौरान डा. शेर सिंह कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर सके। इस वर्ष कोविड-19 की शुरुआत से ही उनकी नाकामियों के कारण मथुरा में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ी। अब मुरादाबाद के आरएफपीटीसी के प्रधानाचार्य डा. संजीव यादव को मथुरा का सीएमओ बनाया गया है