आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के कोलिहाई मोहल्ले में ऑटो चालक असलम के परिवार पर रविवार रात दो बजे छत पर सोते समय तेजाब फेंक दिया गया। इसमें चालक की पत्नी रेशमा (38), बेटी इलमा (18), बेटा साहिल (16) और भाई फुरकान बुरी तरह झुलस गए। तेजाब फेंके जाने की घटना से पूरा परिवार दहशत में है। असलम ने आरोप लगाया कि 15 दिन पहले भी वह घर की छत पर सो रहे थे। तब भी तेजाब फेंका गया था। उन्हें शक था कि पड़ोसी कल्लू ने ही ऐसा किया है। पुलिस को सूचना दी। मगर, डर की वजह से उसका नाम नहीं बताया। रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कल्लू ऐसा कर देगा कभी सोचा नहीं था। वह और दो बेटे दूर सो रहे थे, इससे उन पर तेजाब नहीं गिरा। पुलिस अपने स्तर से उसी समय कुछ छानबीन कर लेती तो घटना इतनी बड़ी नहीं होती।
घटनाक्रम में असलम ने बताया कि रात दो बजे पत्नी रेशमा, बेटी इलमा, बेटा साहिल और भाई फुरकान चीखने लगे। आवाज सुनकर आंख खुली तो चारों के कपड़ों से धुआं निकल रहा था। ऐसा लग रहा था कि आग लग गई है। ज्यादा तड़प रही बेटी और पत्नी को किसी तरह संभाला। इसके बाद परिवार के लोग आ गए। चारों को अस्पताल ले जाने के लिए कोई साधन भी नहीं था। इसलिए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के आने पर आधा घंटे बाद सभी अस्पताल पहुंच सके। परिवार के चार सदस्यों पर तेजाब डालने की घटना के बारे में बताते हुए असलम दहशत में साफ नजर आ रहे थे। घटना के बाद असलम की मां हाजरा सकते में हैं। उनका कहना था कि बेटे बहू, नाती और नातिन की चीख सुनकर वो लोग छत पर आए थे। ऐसा लगा कि किसी ने जलता हुआ केमिकल डाल दिया। मगर, बाद में पता चला कि तेजाब से झुलसाया है। घटना के बाद घर में रिश्तेदारों को आना शुरू हो गया। मोहल्ले में असलम के परिवार का किसी से कभी कोई विवाद नहीं हुआ है।
शाहगंज के कोलिहाई में रहने वाला कल्लू पूर्व में जेल जा चुका है। उस पर 15 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें डकैती के प्रयास से लेकर गैंगस्टर तक के मुकदमे हैं। वह सजा भी काट चुका है। उस पर आखिरी मुकदमा छेड़छाड़ का लिखा गया था। पुलिस ने आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला तो यह जानकारी निकलकर सामने आई है।
थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि असलम की तहरीर पर धारा 326 ए (तेजाब आदि के प्रयोग से झुलसाना) और 506 (जानमाल की धमकी देना) में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें कल्लू को आरोपी बनाया गया है। कल्लू को हिरासत में लेने के बाद उसका आपराधिक इतिहास खंगाला गया। पता चला कि उसके खिलाफ वर्ष 1987 से 15 मुकदमे अब तक दर्ज हो चुके हैं। सबसे पहले डकैती का प्रयास का मुकदमा है। इसके बाद आयुध अधिनियम, लूट के प्रयास के दौरान हत्या, लूट, बलवा, जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। यह मुकदमे वर्ष 1990 तक दर्ज हुए थे। कल्लू की उम्र इस समय 55 साल है। उसे गैंगस्टर के मामले में दो साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी हो चुकी है। इसमें सजा भी काटकर आया। इसके बाद उसके खिलाफ आखिरी मुकदमा वर्ष 2018 में छेड़छाड़ का लिखा गया था।
पुलिस ने बताया कि रेशमा और इलमा की चारपाई कल्लू के घर की छत के पास थी। इस वजह से सबसे ज्यादा तेजाब मां-बेटी पर ही गिरा। उनके बगल में फुरकान और साहिल सो रहे थे। उनके पैरों व कमर के कुछ हिस्से पर तेजाब गिरा। इसके बाद असलम और उसके दो बेटे सो रहे थे। दूर होने की वजह से तीनों बच गए। पुलिस को छत से दो स्टील के छोटे गिलासनुमा बर्तन मिले। इन्हें फोरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया। कल्लू की छत पर तेजाब के छींटे मिले हैं। पलंग पर जहां भी तेजाब गिरा, वहां की निबाड़ भी जल गया। असलम की पूरी छत काली पड़ गई।
पुलिस का कहना है कि तेजाब काफी घातक था। सबसे ज्यादा रेशमा और इलमा जली हैं। अगर, शौचालय साफ करने में प्रयोग वाला होता तो इतना ज्वलनशील नहीं होता। कोलिहाई इलाके में सराफ की दुकान हैं। यहां चांदी का काम होता है। आशंका है कि यह जेवरात साफ करने में प्रयोग होने वाला तेजाब भी हो सकता है। मगर, तेजाब हमले की घटना के बाद आम लोगों को तेजाब की बिक्री पर रोक है। तेजाब खरीदने वाले से परिचय पत्र लिया जाता है। उसके प्रयोग के बारे में जानकारी ली जाती है। यह तेजाब कहां से आया और कौन सा था? इस बारे में पुलिस पता कर रही है।
निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि दस साल पहले कल्लू की पत्नी चली गई थी। उसे असलम का भाई इरफान ले गया था। वह आगरा से बाहर रह रहा है। इरफान ने बताया कि भाई की इस हरकत पर उससे रिश्ता तोड़ लिया था। इसके बाद से कल्लू उनसे रंजिश मानने लगा था। एक साल पहले कल्लू के भाई ने पुलिस को सूचना दी थी। बताया था कि भाई तेजाब लेकर आया है। पुलिस ने घर पहुंचकर पांच लीटर तेजाब जब्त किया था। उसकी बेटी भी साथ रहती है। पिता के तेजाब लेकर आने पर बेटी भी दहशत में आ गई थी। कल्लू के खिलाफ मुकदमे होने की वजह से मोहल्ले के लोग भी उससे कुछ बोलते नहीं हैं। अब पुलिस यह पता कर रही है कि दस पहले हुए विवाद में अब क्यों तेजाब डाला गया?
असलम ने पुलिस को बताया कि छह भाई और माता-पिता एक ही मकान में रहते हैं। उनका कमरा पहली मंजिल पर है। रविवार रात वह लोग दूसरी मंजिल की छत पर सो रहे थे। रेशमा और इलमा एक पलंग पर, जबकि बगल में दूसरे पर फुरकान और साहिल सो रहे थे। वह तीसरे पलंग पर अकेले थे। बाकी दो बेटे साबिर और शाहरुख भी अलग सो रहे थे। उनके बराबर में ही कल्लू का मकान है। दोनों की छत मिली हुई है जबकि पड़ोस में बने अन्य मकानों की छत नीचे हैं।