पुत्रवधू और पुत्र को लेकर आगरा आ गए। 22 मई 2014 की सुबह 6 बजे श्याम पेट्रोल पंप के पास पुत्र बेहोश पड़ा मिला। देखा तो उसका गुप्तांग कटा हुआ था। वादी के दूसरे पुत्र ने मौके से पुत्रवधू को भागते हुए देखा था। पुलिस ने फूफा, पत्नी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद फूफा और पुत्रवधू के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए। इस कारण दोनों की पत्रावली अलग हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी, पीड़ित सहित 8 गवाह अदालत में पेश किए गए।
विवेचक की लापरवाही आई सामने
विवेचक ललित भाटी ने जांच में लापरवाही बरती। घटना स्थल से खून और मिट्टी बरामद नहीं की। पीड़ित के कपड़ों को भी जांच के लिए नहीं भेजा। पीड़ित की पत्नी द्वारा बनाए गए नशीले खाने को भी बरामद कर जांच के लिए नहीं भेजा। अभियुक्ता को मौके से भागते हुए देखने वाले चश्मदीद गवाह को गवाही के लिए अदालत में पेश नहीं किया गया।
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