उत्तर प्रदेश के आगरा में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य मिटाने व पॉक्सो एक्ट के मामले में पुलिस कोई स्वतंत्र गवाह अदालत में पेश नहीं कर सकी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट परवेज अख्तर ने साक्ष्य के अभाव में बाह के गांव क्वारी निवासी मुकेश उर्फ पंजाबी को बरी करने के आदेश दे दिए।
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थाना बाह में वादिनी ने केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि 2 जून 2018 की सुबह 5 बजे वह पुत्री के साथ शौच के लिए खेतों की तरफ जा रही थीं। तभी आरोपी मुकेश दो अन्य साथियों के साथ कार से आ गया। पुत्री को जबरन कार में खींचकर ले गया। तीन जून 2018 को पुत्री का शव कुएं में मिला।
आरोपी छह वर्ष चार माह से जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था। हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी। अभियोजन की तरफ से 10 गवाह अदालत में पेश हुए। इसके बावजूद आरोपी पुलिस की लापरवाही से स्वतंत्र गवाह के अभाव में बरी हो गया।