आगरा। धोखाधड़ी और चोरी की बाइक बरामदगी के मुकदमे में अभियोजन पक्ष 16 साल में एक ही गवाह अदालत में पेश कर सका। अन्य गवाह गवाही देने ही नहीं आए। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने साक्ष्य के अभाव में मलपुरा निवासी वकील और थाना शाहगंज क्षेत्र के आजमपाड़ा निवासी रईस को बरी करने के आदेश दिए हैं।
थाना न्यू आगरा में दर्ज केस के अनुसार तत्कालीन एसएसआई महावीर सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि 7 सितंबर 2009 को वह पुलिस टीम के साथ भगवान टॉकीज चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान बाइक पर दो युवक आते दिखे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बाइक के दस्तावेज मांगे तो दिखा नहीं सके। उनकी निशानदेही पर चोरी की दो बाइक और भी बरामद कीं। 16 साल चले मुकदमे में अभियोजन ने पक्ष पुलिसकर्मी वेदप्रकाश की ही गवाही दर्ज करा सका। उनके अलावा कोई भी पुलिसकर्मी गवाही देने अदालत नहीं आया।