आगरा। दुष्कर्म, गर्भपात और धमकी देने के मामले में एडीजे-19 लोकेश कुमार ने सिकंदरा थाना क्षेत्र के गांव अरतौनी निवासी आरोपी देव गोला उर्फ डोरी लाल को बरी करने के आदेश दे दिए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि की आपसी सहमति से संबंध बने थे।
महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह सात वर्ष पहले सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया में नौकरी करती थी। आरोपी देव गोला के ऑटो से आने-जाने के दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ीं। आरोपी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। गर्भवती होने पर आरोपी ने 9 जून, 2024 को मर्जी के बिना गर्भपात करा दिया। इसके बाद भी संबंध बनाए, जिससे वह दोबारा गर्भवती हो गई। पीड़िता ने शादी का दबाव डाला तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने चिकित्सीय जांच के दौरान अपनी अंदरूनी जांच कराने से मना कर दिया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़िता सहित सात गवाहों की गवाही दर्ज की गई। पीड़िता दुष्कर्म की तारीख और स्थान भी नहीं बता पाई। बचाव पक्ष की तरफ से आरोपी की पत्नी की गवाही हुई। उसने अपने पति के पक्ष में बयान दिए। बताया कि पीड़िता कई बार उसके घर आई थी। पीड़िता उससे और उसके बच्चों से भी मिली थी। वह अच्छी तरह जानती थी कि उसका पति शादीशुदा है। वह उसके पति पर तलाक लेने का दबाव डालती थी। अदालत ने माना कि आरोपी और पीड़िता के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। ये संबंध दुष्कर्म के दायरे में नहीं आता।