आगरा के एकलव्य स्पोटर्स स्टेडियम में चल रही सेना की अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थियों से ठगी की कोशिश करने के आरोपी अलीगढ़ के अमन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह जनसेवा केंद्र का संचालक है। वह दोस्त मथुरा के संजय की मदद से ठगी करता था। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि संजय अपनी सैन्य अधिकारियों से जुगाड़ बताकर अभ्यर्थियों से रकम लेता था। दाैड़ पास करने वालों को कलर विजन बुक से तैयारी कराते थे। जो लोग भर्ती हो जाते थे, वो शिकायत नहीं करते थे। आरोपियों के कई राज्यों में भर्ती स्थल पर जाकर ठगी की जानकारी पुलिस को मिली है। हालांकि अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। संजय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है।
रायपुर दलपतपुर, अतरौली, अलीगढ़ निवासी नितेश 12 अप्रैल को अपने दोस्त के साथ अग्निवीर भर्ती देखने आया था। स्टेडियम के पास एक व्यक्ति मिला। उसने अपना नाम अमन बताया। कहा कि वह अलीगढ़ के गौंडा स्थित नगला बलराम का रहने वाला है। उसने कहा कि अग्निवीर भर्ती में उसकी जुगाड़ है। दाैड़ पास करने वालों को मेडिकल में पास कराने का आश्वासन दिया। इसके लिए 1.50 लाख रुपये का खर्च बताया। यह रकम पहले देने की कहने लगा। यह सुनकर दोनों दोस्तों को शक हो गया। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। आर्मी इंटेलीजेंस और पुलिस ने आरोपी की तलाश की। वह भाग निकला। मथुरा तक एक टीम को भेजा गया। बाद में अमन आगरा में ही मिल गया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी अमन ने बताया कि वह ग्रेजुएट पास है। गांव में उसका जनसेवा केंद्र है। केंद्र पर सरकारी नाैकरी के लिए आवेदन करने वालों को अपने जाल में फंसाता है। सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले भी उसके पास आते हैं। वह जहां भी भर्ती होती है, वो पहुंच जाता है। जिन अभ्यर्थियों की दाैड़ पास हो जाती है, उनसे रुपये लेता है। बाद में उन्हें कलर विजन बुक थमा देता है। इससे वह उसे पढ़ लेते हैं। जब अभ्यर्थी की परीक्षा होती है तो वह पहले से पढ़े होने के कारण देखते ही पहचान लेते हैं। उसके मोबाइल में कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज की फोटो मिली हैं। इनकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस की पूछताछ में अमन ने बताया कि उसे कलर विजन की किताब दोस्त संजय ने दी है। संजय मथुरा के थाना राया के मांट स्थित गाव बाडाैन का रहने वाला है। इंटरमीडिएट पास है। वह अपनी सेना में अधिकारियों से बातचीत बताता है। इसके बहाने से अभ्यर्थियों से ठगी करता है। उसी ने अमन को कलर विजन बुक मुहैया कराई थी। पुलिस संजय की तलाश में लगी है। उसके ही पकड़े जाने पर सामने आएगा कि अब तक वो लोग कितने अभ्यर्थियों को ठग चुके हैं। अगर उन्होंने किसी को भर्ती कराया होगा, यह भी पता चल जाएगा।
एक कर्मचारी को पकड़ा, पूछताछ के बाद छोड़ा
भर्ती रैली के दौरान ठगों पर पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस की नजर है। पूर्व में एक ठग पकड़ा गया था। वह लोगों से रकम ले रहा था। क्षेत्र में चर्चा है कि 3-4 दिन पहले एक कर्मचारी पकड़ा गया था। जो भर्ती के नाम पर लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने उससे पूछताछ की थी। कुछ देर बाद ही उसे छोड़ दिया गया। भर्ती स्थल पर पुलिस की सक्रियता के बाद भी दलाल सक्रिय हो गए हैं। मगर गिरफ्तारी दो की ही हो सकी है।