नकली नोट बनाने के आरोप में छह सितम्बर को पकड़े गए ओमकार ने जिला जेल में सुसाइड कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गमछे से फांसी का फन्दा बनाया, इसे पेड़ से बंधा और उसपर लटक गया। घटना देर शाम सात बजे की बताई गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब बंदी पांच बजे बैरक में चले जाते हैं तो ओमकार सात बजे बाहर कैसे था। ओमकार आगरा के ही शमसाबाद रोड का रहने वाला था।
आगरा में एसटीएफ ने शहीद नगर एकता पार्क से स्कैनर और प्रिंटर की मदद से स्टांप पेपर पर 100-100 के जाली नोट छापने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को छह सितंबर की सुबह गिरफ्तार किया था। ये लोग जाली करेंसी को शराब के ठेकों पर चलाते थे।
पिछले डेढ़ साल से यह गोरखधंधा चल रहा था। गिरोह के पास से 100-100 के नकली नोट की 3.5 गड्डी (35000 रुपये), लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, मोबाइल बरामद किए गए हैं। नकली नोटों का यह कारखाना सदर बाजार के शहीद नगर की एकता कॉलोनी में चल रहा था।
गिरफ्तार आरोपी कृष्णापुरी, कहरई मोड़, शमसाबाद रोड के शिवम तोमर और ओमकार झा, नया बांस रोड, शमसाबाद का अवधेश सविता, धिमश्री शमसाबाद का सुनील, मियांपुर ताजगंज का लाखन हैं।इन्होंने एकता कॉलोनी में मकान किराए पर ले रखा था।