फिरोजाबाद में व्यापारी से चौथ वसूली के आरोप में मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपी के मामले में नया मोड आया है। दरअसल मामला चौथ मांगने का नहीं, आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के लिए दी गई सुुपारी की बकाया रकम वसूली का है।
फिरोजाबाद में साल 2018 में दयालनगर के रहने वाले आरएसएस कार्यकर्ता संदीप शर्मा की हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने सभी आरोपी को जेल भेज दिया था। हत्याकांड का आरोपी रामप्रकाश उर्फ सत्ताइस ने ही आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या करने की सुपारी ली थी। बताया जाता है कि उसके खिलाफ 10 लाख की चौथ मांगने का मामला गलत है। आरोपी चौथ मांगने की बजाय सुपारी की बकाया रकम मांगने के लिए गया था। प्रसारित वीडियो में आरोपी के फायर करने की पुष्टि नहीं हुई है।
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जानकारी के अनुसार पवन उपाध्याय ने रंजिश के चलते वर्ष 2018 में अश्वनी शर्मा के जरिए रामप्रकाश उर्फ सत्ताइस को दो लाख रुपये में संदीप शर्मा की हत्या करने की सुपारी दी थी। इसी काम का बीस हजार रुपये बतौर एडवांस पवन उपाध्याय ने दिया था। इस पर रामप्रकाश ने अपने साथी अनिल उपाध्याय उर्फ बाॅबी को मिलवाया था। इसके बाद आरएसएस कार्यकर्ता की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
मामला संघ से जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। अब सात साल बीतने के बाद हत्याकांड का आरोपी रामप्रकाश जेल से जमानत पर छूट आया। रुपयों की तंगी के चलते वह रविवार को आरोपी पवन उपाध्याय के बुआ के बेटे विपिन उपाध्याय के पास पहुंच गया। हाथ में तमंचा लिए उसने सुपारी की बकाया रकम मांगी। इस पर विपिन ने रुपये देने से इन्कार करते हुए 10 लाख की चौैथ मांगने और फायर करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जबकि वायरल वीडियो में आरोपी के हाथों में तमंचा तो दिख रहा है, लेकिन उसके द्वारा कोई भी फायर नहीं किया गया।