आगरा। पुलिस और आबकारी विभाग ने वर्ष 2015 में छापा मारकर नूरी गेट स्थित एक दुकान से बियर की 1152 केन बरामद की थी। उन पर यूपी का होलोग्राम अंकित नहीं था। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस बरामद बियर पेश नहीं कर सकी। छापा मारने वाली टीम ने भी आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। इस पर एडीजे-21 विराट कुमार श्रीवास्तव ने मलपुरा निवासी कुशल पाल और थाना जगनेर के सिंगाइच निवासी दानवीर को बरी करने के आदेश दिए।
थाना एमएम गेट में दर्ज केस के अनुसार, सुरेश कुमार आबकारी निरीक्षक सेक्टर-5 ने तहरीर दी थी। बताया कि मुखबिर ने उन्हें सूचना दी कि नूरी दरवाजा स्थित बियर की दुकान में बिना होलोग्राम के अवैध बियर बिक रही हैं। 8 सितंबर 2015 को निरीक्षक जीपी गुप्ता, आबकारी सिपाही राजेंद्र प्रकाश, उदयभान, रविंद्र कुमार सिंह, हरिओम, असगर हुसैन, तत्कालीन थानाध्यक्ष वहीद अहमद व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ बियर की दुकान पर छापा मारा गया। दुकान से बिना होलोग्राम लगी बियर की 1152 केन बरामद कीं।
आरोपी सत्यपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, नरेश शर्मा, कुशलपाल, दानवीर, जमील और रंजीत के विरुद्ध आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ। मुकदमे में आरोपी कुशलपाल और दानवीर का विचारण हुआ। अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई। एक दर्जन से अधिक गवाह होने के बावजूद आबकारी निरीक्षक, तत्कालीन थानाध्यक्ष, और एसआई रंजीत सिंह की ही गवाही दर्ज हुई। पुलिस ने मालखाना रजिस्टर भी अदालत में पेश नहीं किया। आबकारी विभाग ने यह भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया की दुकान का ठेका किसके नाम था।