फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: संत प्रेमानंद पर नोट बांटने का आरोप...अनर्गल और भ्रामक, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष ने भी डीएम को भेजा पत्र

Fri, 11 Oct 2024 03:59 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

संत प्रेमानंद द्वारा राधाकुंड में लोगों को नोट बांटने के मामले में श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडे ने डीएम से शिकायत की थी। अब सवाल ये उठता है कि ये आरोप सहीं हैं या गलत। वहीं इस मामले में धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड ने बड़ा बयान दिया है...
 
विज्ञापन
संत प्रेमानंद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वृंदावन के प्रेमानंद महाराज द्वारा राधाकुंड में लोगों को नोट बांटने के आरोप के मामले में अब धर्म रक्षा संघ संत के पक्ष में खड़ा हो गया है। धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड ने कहा कि सनातन समाज के सर्वाधिक लोकप्रिय संतों में से एक संत प्रेमानंद महाराज पर आशुतोष पांडेय द्वारा भीड़ जुटाने के लिए रुपये बांटने का आरोप अनर्गल, भ्रामक और अनुचित है। उन्होंने डीएम को भी पत्र भेजा है।
विज्ञापन


 

सौरभ गौड ने कहा है कि सनातन धर्म में दक्षिणा देना और दक्षिणा लेना एक प्राचीन परंपरा रही है, जिसका निर्वहन राधाकुंड में संत प्रेमानंद ने किया। ऐसे ब्रज के संत पर भीड़ जुटाने के लिए दक्षिणा देने का आरोप लगाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। धर्म रक्षा संघ इस बात का पुरजोर विरोध करता है। यदि उनके पीछे उनके भक्त चलते हैं तो सड़क पर प्रशासनिक व्यवस्था करना भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन का दायित्व है। इसमें संत का कोई दोष नहीं है।

 

बता दें संत प्रेमानंद द्वारा राधाकुंड में लोगों को नोट बांटने के मामले में श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडे ने डीएम से शिकायत की थी। उन्होंने संत पर आरोप लगाया है कि भीड़ जुटाने के लिए उन्होंने लोगों को रुपए बांटे हैं। हालांकि उनके अनुयायियों का कहना है कि उन्होंने साधु संतों को दक्षिणा दी थी। भीड़ जुटाने के लिए पैसे बांटने की बात पूरी तरह गलत है।

 
विज्ञापन

ये की थी शिकायत 
श्रीकृष्ण जन्म भूमि मामले के पक्षकार आशुतोष पांडे ने डीएम को भेजे पत्र में संत प्रेमानंद पर राधाकुंड में भीड़ जुटाने के लिए रूपए बांटने का का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने शिकायती पत्र में कहा कि संत प्रेमानंद बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़कों पर भीड़ लेकर चलते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और जाम लग जाता है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें