आगरा में एक उपभोक्ता ने 44 हजार रुपये में नया एसी खरीदा था, जो छह महीने में खराब हो गया। एसी की मरम्मत में लापरवाही बरती गई। इस मामले में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय ने उपभोक्ता को एसी की कीमत अदा करने का आदेश दिया है।
आगरा में नया एसी छह माह में खराब हो गया। उपभोक्ता की शिकायत पर विक्रेता ने न तो एसी बदला और ना ही रुपये वापस किए। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय ने मामले की सुनवाई के बाद भारत व्यवसाय और एमआरसी इलेक्ट्रॉनिक्स को संयुक्त रूप से उपभोक्ता को एसी की कीमत अदा करने के आदेश दिए हैं।
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वादी मंजू कुलश्रेष्ठ निवासी चंद्र लोक कॉलोनी, जयपुर हाउस ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि 13 मार्च 2020 को 2 टन का एसी 44 हजार रुपये में भारत व्यवसाय, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-9 से खरीदा था। 15 जुलाई 2020 को एसी से की कूलिंग बंद हो गई। भारत व्यवसाय को फोन किया, तो कस्टमर केयर पर शिकायत करने को कहा। दूसरे दिन टेक्नीशियन आया, उसने बताया कि गैस का रिसाव हो गया है। अब शिकायत नहीं आएगी।
7 सितंबर 2020 को फिर खराब आ गई। ठीक कराया। 25 सितंबर को एसी फिर खराब हो गया। इस पर टेक्नीशियन ने बताया कि एसी के निर्माण में खराबी है। इसे कंपनी के वर्कशॉप पर ले जाना पड़ेगा। विक्रेता ने कहा हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं, कंपनी से संपर्क करें। वादी ने दोनों पक्षों को नोटिस भिजवाएं। आयोग के अध्यक्ष आशुतोष ने सुनवाई के बाद विक्रेता और कंपनी को एसी की कीमत अदा करने, दो हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं।