कफ सीरप, नशीली दवाओं के बाद अब गर्भपात दवाओं की कालाबाजारी की जा रही है। 40 रुपये की कीमत वाली किट को 350 रुपये तक में बेचा जा रहा है। बिना बिल के इनकी खरीद-फरोख्त कर मोटी कमाई की जा रही है।
गर्भपात दवाओं की किट पर एमआरपी लगभग 350 से अधिक रहती है। यह बिना बिल के दवा विक्रेता 40 से 60 रुपये में खरीदते हैं। इसको मरीजों को एमआरपी पर ही बेच दिया जाता है।
इस दवा का चिकित्सकीय परामर्श पर ही दिया जाना चाहिए, लेकिन कई मरीज चिकित्सकीय परामर्श लिए बिना ही इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए दवा विक्रेता 40 रुपये की कीमत की गर्भपात दवाओं को 350 रुपये तक में बेच रहे हैं। इस तरह से दवा विक्रेता दस गुना तक मुनाफा कमाते हैं।