अमेरिकी विश्वविद्यालय, आईआईटी और एएसआई के शोध में ताजमहल के पीले
पड़ने की रिपोर्ट आ चुकी है। इसकी जांच के लिए सांसद अश्वनी कुमार की
अध्यक्षता में पिछले दिनों संयुक्त संसदीय समिति आई थी। समिति ने रखरखाव पर
एएसआई को पूरी तरह फेल बताया। टूटे व चटके संगमरमर और सफाई न होने पर इसके
अधिकारियों को फटकारा भी था। इन दोनों रिपोर्ट के बाद केंद्रीय संस्कृति
मंत्री डा. महेश शर्मा ने दिल्ली में म्यूजियम के शिलान्यास के वक्त आगा
खान फाउंडेशन को ताज का संरक्षण सौंपने की इच्छा जताई थी। उसके बाद से ही
यह कवायद तेज हो गई है। प्रिंस आगा खान के ताजमहल घूमने के बाद फाउंडेशन की
टीम ताज का दौरा कर चुकी है। इस टीम में एएसआई के रिटायर्ड अधिकारी शामिल
हैं।
बता दें, आगा खान फाउंडेशन हुमायूं मकबरे के संरक्षण के साथ 200
एकड़ में फैले हजरत निजामुद्दीन बस्ती एरिया और सुंदर नर्सरी को संवार रहा
है। हुमायूं के मकबरे में म्यूजियम भी बनवा रहा है। हैदराबाद में 16वीं, 17
वीं सदी में बने कुली कुतुब शाह कांप्लेक्स जिसमें 40 मकबरे और 23 मस्जिदे
शामिल हैं, का रखरखाव भी फाउंडेशन ही संभालता है।