आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनाने के लिए आधार कार्ड जरूरी हो गया है। आधार कार्ड से पर्चा बनने के साथ मरीज का स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) पर पंजीकरण किया जाएगा। इससे मरीज के चिकित्सकीय रिकॉर्ड ऑनलाइन हो सकेंगे। इससे मरीजाें को पर्चे के लिए लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में औसतन रोजाना तीन हजार मरीज आ रहे हैं। मरीज अपना आधार कार्ड या फिर आधार संख्या साथ लेकर आएं। इससे पर्चा बनने के साथ मरीज का पंजीकरण आभा पर कर दिया जाएगा। इससे उन्हें इलाज में सुविधा होगी। पर्चे के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। बार-बार जांच कराने की भी जरूरत नहीं होगी। पोर्टल पर मरीज से संबंधित सभी जांच रिपोर्ट और इलाज का पर्चा ऑनलाइन होगा, जिससे किसी भी राज्य में कोई भी चिकित्सक ऑनलाइन रिकार्ड देख सकेंगे।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आभा कार्ड 14 अंकों की विशेष डिजिटल स्वास्थ्य आईडी है। ये आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड, पर्चा, जांच रिपोर्ट समेत अन्य चिकित्सकीय रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट कर दिए जाएंगे, इससे उसके चिकित्सकीय रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे। आईडी नंबर से मरीज पूरे देश में कहीं भी दिखा सकता है। अगर उसके पास चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट, पर्चा गुम हो गए हैं, तो भी आईडी नंबर पर वह सभी जांच कंप्यूटर पर होंगी। इससे मरीज को पर्चा, जांच बार-बार बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इलाज में भी सुविधा होगी।
ये भी मिलेंगे लाभ:
- डिजिटल एवं पेपरलेस सेवाएं । मरीजों की पारदर्शिता प्रक्रिया।
- यूनिक आइडी से मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकार्ड बनेगा।
- पर्चे के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं। ऑनलाइन रिकार्ड।
- किसी भी विभाग के डॉक्टर कंप्यूटर पर मरीज की जांचें देख सकेंगे।