आगरा। कंपनी में निवेश पर 15 माह में रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देकर शातिरों ने लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराए। अवधि पूरी होने पर तकादा करने पर मृत अधिवक्ता के नाम से नोटरी अनुबंध कर टहलाते रहे। दबाव बढ़ने पर एक करोड़ रुपये का चेक देकर फिर से ब्याज समेत रकम लौटाने का अनुबंध कर लिया। धोखाधड़ी की जानकारी होने तक दिए चेक की अवधि पूरी हो गई। पीड़ितों ने डीसीपी सिटी से शिकायत की। इसके बाद कमलानगर थाना पुलिस ने 8 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है।
आरके पुरम निवासी पीड़ित मनीष शर्मा ने बताया कि कमला नगर एफ-ब्लॉक निवासी सत्यप्रकाश तित्तल, उनकी पत्नी वर्षा तित्तल, विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, चमरौली शमशाबाद सड़क निवासी युवराज सिंह, उनकी पत्नी सपना सिंह, इंदिरापुरम, राजपुर चुंगी निवासी राहुल सोनी और उसकी पत्नी से उनका पुराना परिचय था। आरोपियों ने उन्हें अपने कमलानगर स्थित निवास पर बुलाया। बताया कि वह एक निवेश कंपनी एसबीएनएल वर्ल्ड संचालित करते हैं। कंपनी पूरे देश में विभिन्न चल और अचल संपत्ति में निवेश करती है। निवेशकों को मुनाफा भी दिलाते हैं। इसके बाद आरोपियों ने स्कीम बताईं। 15 माह में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। पहले छोटे निवेश पर लाभ देकर लालच दिया। इसके बाद जनवरी 2023 से नवंबर 2025 के बीच उन्होंने और कई परिचित लोगों ने अलग-अलग रकम निवेश की। मनीष शर्मा और उनकी पत्नी ने 43.45 लाख रुपये, विभव नगर निवासी मनीष देवनानी ने 22.40 लाख रुपये, राहुल विहार निवासी दीपक गुप्ता ने 15.10 लाख रुपये, शहीद नगर के अभिषेक शर्मा ने 25.80 लाख रुपये, फिरोजाबाद के चौबेजी का बाग निवासी विभव वर्मा ने 85 लाख रुपये, फिरोजाबाद के गोकुल धाम निवासी अनिल मिश्रा ने 27 लाख रुपये और फिरोजाबाद के मोहल्ला चौबान निवासी रंजन चतुर्वेदी ने 8 लाख रुपये निवेश किए। इस तरह कुल 2 करोड़ 26 लाख 75 हजार रुपये आरोपियों को दिए गए।
शुरुआत में विश्वास कायम करने के लिए आरोपियों ने कुछ भुगतान भी किया और बाद में भुगतान नहीं दिया। तकादा करने पर एग्रीमेंट व हस्ताक्षरित चेक देकर भरोसा दिलाया कि पूरी रकम समय पर लौटा दी जाएगी। 5 जनवरी, 2026 को संपर्क करने पर मार्च 2026 तक भुगतान का शपथपत्र दिया गया, फिर 16 मार्च को नया एग्रीमेंट कर अप्रैल 2026 तक पैसा लौटाने का वादा किया गया। 10 अप्रैल, 2026 को विक्रांत तित्तल के निवास सेक्टर-4 पर बुलाया गया। 11 अप्रैल को राहुल और युवराज ने नया अनुबंध किया और 1 करोड़ रुपये का चेक दिया। तय तिथि गुजरने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
मृत अधिवक्ता की मोहर लगी थी नोटरी
4 मई, 2026 को जब मनीष के पिता ने अनुबंधों के दस्तावेज सत्यापन के प्रयास किए तो पता चला कि जिस नोटरी अधिवक्ता के नाम पर कागजात तैयार किए गए, उनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने 7 पीड़ितों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने आगरा समेत कई जिलों में लोगों को इसी तरह लालच देकर शिकार बनाया है।
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पीड़ितों की शिकायत पर साक्ष्य के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विधिक कार्रवाई की जा रही है। अगर कोई अन्य पीड़ित सामने आएगा तो उसकी शिकायत को भी मामले में समाहित किया जाएगा।
सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी