फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्रीय कारागार में फंदे पर लटका मिला कैदी का शव, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Wed, 11 Jul 2018 08:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
जांच के लिए पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
केंद्रीय कारागार में मंगलवार रात को आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी अशोक (49) का शव जेल अस्पताल के शौचालय में संदिग्ध हालात में फ्लश से फंदे पर लटका मिला। घटना से जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पर मजिस्ट्रेट ने जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
विज्ञापन


घटना आगरा की है। जेल प्रशासन के मुताबिक, मेरठ के थाना इसौली स्थित सदारनपुर निवासी अशोक पुत्र भूडे को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 14 जून 1999 से वह केंद्रीय कारागार आगरा में निरुद्ध था। वह बवासीर से पीड़ित था। 

नौ जून को उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। इस पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। मंगलवार रात तकरीबन 2:45 बजे वह शौचालय में चला गया। आधा घंटे बाद एक कैदी विनोद भी शौचालय में जाने के लिए जागा।
विज्ञापन


शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था। आधा घंटे बाद भी गेट नहीं खुलने पर विनोद ने जेल कर्मियों को जानकारी दी। इस पर कर्मचारी और अधिकारी पहुंच गए। बाद में किसी तरह शौचालय का गेट खोला गया। अंदर फ्लश को चालू करने वाले हैंडल से फांसी के फंदे पर अशोक लटका हुआ था। 
विज्ञापन

हत्या तो नहीं की गई?

चिकित्सक ने उसे चेक किया। उसकी मौत हो चुकी थी। बुधवार सुबह घटना की जानकारी पर मजिस्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने घटना की जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जेलर एसपी मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। 

जेल सूत्रों के मुताबिक, बंदी का शव जिस तरीके से लटका हुआ था, उस तरह से फांसी नहीं लगाई जा सकती है। उसके पैर जमीन पर छू रहे थे। एक पैर लेट्रिन में तो दूसरा फर्श पर ऊपर था। वहीं फ्लश को चालू करने का बटन भी तकरीबन साढ़े तीन फुट पर लगा था।

इस बटन से ही फांसी का फंदा लटकाया गया था। फंदा भी नाड़े से बनाया गया था। ऐसे में आत्महत्या नहीं की जा सकती। इससे उसकी हत्या की आशंका जताई गई। हालांकि जेल प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है।

जेल में भाई है बंद
अशोक के साथ ही उसका छोटा भाई सुरेश भी सजा काट रहा है। वह सर्किल नंबर चार की बैरक में था। उसको घटना की जानकारी दी गई। वह रोने लगा। वहीं परिजनों को भी सूचना दी गई।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें