यमुना नदी में कम होता जलस्तर और बढ़ता प्रदूषण जलीय जीवों के लिए संकट बन गया है। नदी में रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में मछलियां मरी मिलीं। लोगों की मानें तो नदी का पानी इस समय बेहद काला है।
लोगों ने बताया कि पिढ़ौरा, कांकर, बलाई, रामपुर, चंद्रसैनी, बटेश्वर, मई, कलींजर, नौरंगी घाट, सिधावली, टोका बड़वाया, कोटकापुरा, रूदमुली, विक्रमपुर, कमतरी, चौरंगा बीहड़, पारना, नौगवां, कचौराघाट के किनारे रविवार को बड़ी संख्या में मछली मरी थीं। सोमवार को भी कमोबेश यही स्थिति रही। इनमें से अधिकांश मछलियां चरखी प्रजाति की हैं। लोगों की मानेें तो पानी इस समय काफी प्रदूषित है। मामले में पर्यावरण अधिकारी डा. एके आनंद ने बताया कि मछुआरे अक्सर मछली पकड़ने के लिए नदी में केमिकल डाल देते हैं। इससे मछलियां मर जाती हैं। हालांकि, पूरी स्थिति जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी। एसडीएम उमाशंकर ने बताया कि पर्यावरण अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं।