आगरा। दसवें पातशाह गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व पर प्राचीन गुरुद्वारा अकालगढ़ साहिब छीपीटोला में रविवार को कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। फूलों से दीवान को सजाया गया। संगत ने श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका।
कीर्तन की शुरुआत भाई गुरशरण सिंह जत्थे के गुरुवाणी गायनसे हुई।उन्होंने इन्हीं की कृपा से सजे हम..., देह शिवा बर मोहे ईहे, शुभ कर्मन ते कबहुं न टरूं..., आदि सबद सुनाकर संगत को भाव-विभोर कर दिया। कीर्तन समागम में संगत ने गुरु महाराज को नमन किया। इस दौरान गुरु महाराज के जीवन, त्याग, तपस्या और शौर्य का स्मरण करते हुए संगत ने गुरु महाराज की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। समापन पर ज्ञानी सुरजीत सिंह ने गुरु की अरदास से की। इस मौके पर जसवीर सिंह रेखी, रौनक सिंह, सतविंदर सिंह वाधवा, श्याम भोजवानी, दलजीत सिंह दुग्गल, संजय सेठ, सुरेश खन्ना, तरविंदर सिंह पुरी, इंदरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।