केंद्रीय कारागार से शनिवार को जम्मू कश्मीर के एक बंदी को रिहा कर दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी आठ अगस्त से बंद था। डीएम श्रीनगर की ओर से परवाना भेजे जाने पर जेल प्रशासन ने बंदी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बुशवारा, गंददरीबल, दलमेर, श्रीनगर निवासी डॉ. मुवीन अहमद शाह के खिलाफ पीएसए एक्ट में कार्रवाई हुई थी। उन्हें आठ अगस्त को 26 बंदियों के साथ केंद्रीय कारागार, आगरा लाया गया था। बंदी डॉ. मुवीन अहमद के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल की थी। इसमें अपनी बीमारी का हवाला देते हुए रिहाई की गुहार लगाई।
डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने बताया कि बंदी की तीन माह के लिए सशर्त रिहाई के आदेश किए गए हैं। श्रीनगर के डीएम ने केंद्रीय कारागार में परवाना भेजा था। शनिवार को बंदी की रिहाई की गई। इस दौरान आईबी के एसीओ अवनीश कुमार मौजूद रहे। डॉ. मुवीन अहमद शाह को उनके भाई सैय्यद नियाज अहमद को सौंप दिया गया। डॉ. मुवीन अहमद शाह को व्यापारी नेता बताया जाता है। वह एनआरआई थे।
आगरा आए थे 85 कश्मीरी बंदी
अगस्त में जम्मू कश्मीर के 85 बंदियों को आगरा लाया गया था। यह बंदी तीन बार में लाए गए थे। इनको केंद्रीय कारागार की विशेष सुरक्षा बैरक में रखा गया है। अब जेल में 84 बंदी ही बचे हैं।