सोरोंजी। तीर्थनगरी के कांवड़ मेला में रोज श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। सावन के दूसरे सोमवार के उपलक्ष्य में शुक्रवार से ही कांवड़ियों की संख्या में तेजी आई है। मुरैना के 140 कांवड़ियों का जत्था सोरोंजी से कांवड़ भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ। कांवड़ियों के इतने बड़े समूह ने सभी का ध्यान खींचा।
लहरा घाट से लेकर सोरोंजी-कासगंज राजमार्ग पर सरिया परिधानों को पहने कांवड़ियों के अनेेकों समूह शिव के जयकारों लगाते हुए जा रहे हैं। श्रद्धालु यहां के कांवड़ बाजार में कांवड़ साज-सज्जा के सामान की भी खरीदारी कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्राधीश वराह भगवान, हरि की पौड़ी लहरेश्वर, सोमेश्वर व तीर्थनगरी के मार्ग में आने वाले अन्य मंदिरो में मत्था टेककर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
महिला श्रद्धालु कांवड़ उठाकर कर रहीं अराधना
सोरोंजी। कांवड़ियों की टोलियों में पुरुष ही नजर नहीं आ रहे बल्कि महिलाएं भी इन टोलियों का हिस्सा हैं। महिलाओं में कांवड़ लाने को लेकर खूब उत्साह देखने को मिल रहा है। महिलाएं लगातार टोलियों में कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।
कांवड़ियों की बात
- श्रावण मास भोले बाबा की भक्ति का सर्वोत्तम मास है। इस मास में गंगाजल ले जाकर उनका अभिषेक करने से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं। इसी कामना से गंगाजल लेने आए हैं।-अर्चना कुशवाह, संबलगढ़, एमपी
- बचपन में पिता के साथ सोरोंजी से कांवड़ उठाकर गंगाजल लेने आई थी। अब अन्य महिला साथियों के साथ आई हूं। यह सिलसिला कई वर्षों से अनवरत बना हुआ है। भोले बाबा की अपार कृपा है। - सीमा कुशवाह, संबलगढ़, एमपी