जैतपुर के पाठकपुरा में कवि सम्मेलन
बाह। जैतपुर के पाठकपुरा की अकादमी में सोमवार को कवि सम्मेलन की महफिल सजी, जिसमें नामचीन कवियों ने अपनी वीर, हास्य, शृंगार की कविताओं पर श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी।
कवि सम्मेलन में आगरा के गीतकार डॉ. राजकुमार रंजन ने अपनी कविता सरहद की हदें जो हैं सिमटने नहीं देंगे, इस देश के सम्मान को लुटने नहीं देंगे, हस्ती मिटा बचाई जो अब्दुल हमीद ने, गंगा की कसम हम उसे मिटने नहीं देंगे। पर जय हिंद और वंदे मातरम के नारे लगवाए। मंजुल मयंक ने अपनी व्यंग्य रचना पागल कुत्तों से बचना चाहता हूं, पर क्या करूं काट लेते हैं, तब तक पहचान पाता हूं, पर खूब तालियां बटोरी। टूंडला के राम राहुल ने अपनी कविता खतों का सायरन मुझे सुनाई देता है.....से देश भक्ति का जोश भरा। सम्मेलन में धौलपुर की रजिया बेगम जिया, हरनाथ सिंह चौहान, पवन सबरस, शाहिद महक, राजन भदौरिया, शिवराम शांति, देवनारायण शर्मा आदि ने काव्य पाठ किया। इस दौरान सत्यवान सिंह राजपूत, सुमित तिवारी, जालंधर सिंह लोधी, नवीन मिश्रा आदि रहे।